मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल के बाद रिम्स में बोकारो थर्मल के जनता नगर निवासी ठेला चालक व मजदूर 60 वर्षीय कृष्णा सिंह का इलाज शुरू किया गया. 20 दिन पूर्व गिरने से कृष्णा सिंह दाहिने हाथ की हड्डी कोहनी के पास से टूट गयी थी और कमर में भी चोट लगी थी. कृष्णा सिंह आयुष्मान कार्डधारी हैं. पुत्र मनोज सिंह व राजेश सिंह चंदा कर अपने पिता को इलाज के लिए दो फरवरी को बोकारो सदर हॉस्पिटल ले गये थे. वहां जांचोपरांत हड्डी टूटने और डॉक्टर के उठ कर चले जाने की बात कही गयी. छह फरवरी को आने की बात कह कर वापस भेज दिया गया. छह फरवरी को पहुंचे तो डॉक्टर के नहीं आने की बात कही गयी. इसके बाद दोनों बेटे कच्चा प्लास्टर करा कर उसे घर ले गये. धीरे-धीरे टूटे हुए स्थान से मवाद, गंदा खून और बदबू आने लगा तो उन्हें 12 फरवरी को रांची रिम्स ले गये. वहां भर्ती कर लिया गया, लेकिन इलाज शुरू नहीं किया गया. डॉक्टर ने कहा कि आयुष्मान कार्ड से ऑपरेशन कराने में एक माह का समय लगेगा. इसलिए पैसा देकर ऑपरेशन करा लें. असमर्थता जताने पर उसे उसी हालात में छोड़ दिया गया और स्थिति गंभीर होती गयी.
बोकारो सदर हॉस्पिटल की लापरवाही पर डीसी का निर्देश
इधर, बेरमो के सामाजिक कार्यकर्ता विकास कुमार गुप्ता ने मामले से 16 फरवरी को मुख्यमंत्री और बोकारो डीसी को सोशल मीडिया के माध्यम से अवगत कराते हुए मदद की अपील की. मुख्यमंत्री ने 16 फरवरी की रात को बोकारो डीसी को सोशल मीडिया के माध्यम से निर्देश देते हुए कहा कि यह स्थिति कतई बर्दास्त के काबिल नहीं है. अविलंब संज्ञान लें एवं अस्पताल के प्रबंधन पर भी उचित ध्यान दें. इसके बाद बोकारो डीसी ने 16 फरवरी की ही रात को सीएम को लिखा कि बोकारो में पदस्थापित स्पेशल मेडिकल ऑफिसर डॉ संजय कुमार को प्रतिनियुक्त किया गया है. वह कल रिम्स जाकर चिकित्सकों से समन्वय स्थापित कर कृष्णा सिंह का इलाज अपनी देखरेख में करायेंगे. इसके बाद 17 फरवरी को डॉक्टरों की टीम ने कृष्णा सिंह की जांच की और 18 फरवरी को ऑपरेशन करने की बात कही है. कृष्णा के दोनों बेटों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सामाजिक कार्यकर्ता विकास कुमार गुप्ता के प्रति आभार जताया है.
