चंद्रपुरा के हिमांशु ने कर दिया कमाल, एमबीबीएस के सेकेंड ईयर में उपराष्ट्रपति के हाथों मिला सम्मान

Bokaro News: बोकारो के चंद्रपुरा निवासी और एम्स दिल्ली में एमबीबीएस कर रहे हिमांशु अग्रवाल को प्रथम वर्ष में टॉप करने पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सम्मानित किया. नीट में 710 अंक हासिल करने वाले हिमांशु की इस उपलब्धि से परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

चंद्रपुरा से विनोद सिन्हा की रिपोर्ट

Bokaro News: झारखंड के बोकारो जिले के चंद्रपुरा के मेधावी छात्र हिमांशु अग्रवाल को मंगलवार शाम दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में सम्मानित किया गया. दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित एम्स के 51वें दीक्षांत समारोह में देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें सम्मान प्रदान किया. इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी मौजूद थे. समारोह में हिमांशु को एमबीबीएस प्रथम वर्ष की परीक्षा में टॉप करने के लिए सम्मानित किया गया. इस उपलब्धि के बाद चंद्रपुरा सहित पूरे बोकारो जिले में खुशी का माहौल है.

शुरू से ही मेधावी रहे हैं हिमांशु

हिमांशु अग्रवाल शुरू से ही पढ़ाई में बेहद प्रतिभाशाली रहे हैं. उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा चंद्रपुरा के डिनोबिली स्कूल से प्राप्त की. आईसीएसई दसवीं बोर्ड परीक्षा में उन्होंने 98.60 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे जिले में टॉप किया था. इसके बाद उन्होंने बारहवीं विज्ञान की पढ़ाई भुवनेश्वर से पूरी की, जहां भी उन्होंने 98.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया. लगातार शानदार प्रदर्शन के कारण वह शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच हमेशा चर्चा का विषय बने रहे.

नीट परीक्षा में हासिल किए 710 अंक

हिमांशु की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक उनकी नीट परीक्षा रही, जिसमें उन्होंने 720 में से 710 अंक प्राप्त किए. इतने शानदार अंक मिलने के बाद उनका चयन देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान एम्स दिल्ली में हुआ. वर्तमान में वह एमबीबीएस सेकेंड ईयर के छात्र हैं और पढ़ाई में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं. एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में प्रथम वर्ष में टॉप करना उनकी मेहनत और लगन को दर्शाता है.

परिवार में खुशी का माहौल

हिमांशु के सम्मानित होने के बाद उनके परिवार में खुशी का माहौल है. उनके पिता मनोज अग्रवाल चंद्रपुरा में मेडिकल स्टोर का संचालन करते हैं, जबकि उनकी मां मोनू अग्रवाल गृहिणी हैं. परिजनों ने कहा कि हिमांशु बचपन से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर रहे हैं और हमेशा मेहनत के दम पर आगे बढ़े हैं. परिवार को उम्मीद है कि वह आगे भी इसी तरह सफलता हासिल कर जिले और राज्य का नाम रोशन करेंगे.

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युवाओं के लिए बने प्रेरणा

हिमांशु अग्रवाल की सफलता अब क्षेत्र के युवाओं और छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और अनुशासन के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है. स्थानीय लोगों और शिक्षकों ने भी हिमांशु को बधाई दी है. लोगों का कहना है कि उनकी उपलब्धि से जिले के अन्य विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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