बोकारो. सिटी सेंटर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद रोजगार और व्यवसाय को लेकर चिंतित स्ट्रीट फूड और छोटे दुकानदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया गया है. उपायुक्त अजय नाथ झा ने शनिवार को बोकारो चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) प्रबंधन से इस दिशा में पहल करने की बात कही.
चैंबर प्रतिनिधियों ने सौंपा ज्ञापन
चैंबर प्रतिनिधियों ने उपायुक्त के कार्यालय कक्ष में मुलाकात कर सिटी सेंटर में बीएसएल प्रबंधन की ओर से की गयी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद उत्पन्न स्थिति से अवगत कराया. प्रतिनिधियों ने बताया कि कार्रवाई के बाद स्ट्रीट फूड कारोबारियों, छोटे दुकानदारों और व्यापारी संघ के सामने रोजगार और व्यवसाय को लेकर चिंता की स्थिति बनी है. इस संबंध में प्रतिनिधियों ने उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा.
उपायुक्त ने मामले को लेकर बीएसएल के निदेशक प्रभारी को पत्र लिखकर सकारात्मक और दीर्घकालिक पहल करने का आग्रह किया है.
नियमित निगरानी से रोका जा सकता है अतिक्रमण
उपायुक्त ने कहा कि अतिक्रमण पर नियमित निगरानी और समय पर कार्रवाई नहीं होने से समस्या धीरे-धीरे गंभीर रूप ले लेती है. लंबे अंतराल के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होने पर रोजगार, व्यवसाय और विधि-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां सामने आती हैं.
उन्होंने बीएसएल क्षेत्र को अलग-अलग जोन में बांटकर नियमित निगरानी की व्यवस्था करने तथा शुरुआती स्तर पर ही अतिक्रमण रोकने का सुझाव दिया. इससे भविष्य में बड़े स्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता कम हो सकती है.
ये भी पढ़ें: शुक्रवार को कार्रवाई, शनिवार को फिर अतिक्रमण; सिटी सेंटर-04 में बीएसएल की मुहिम पर उठे सवाल
कम यातायात वाले स्थान पर फूड स्ट्रीट का प्रस्ताव
उपायुक्त ने कहा कि सेक्टर-4 सिटी सेंटर में बड़ी संख्या में छोटे दुकानदार स्ट्रीट फूड का कारोबार करते थे. ऐसे में बीएसएल क्षेत्र में उपयुक्त और कम यातायात वाले स्थानों को चिह्नित कर वैकल्पिक फूड स्ट्रीट विकसित करने पर विचार किया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि देश के कई शहरों में फूड स्ट्रीट के माध्यम से छोटे कारोबारियों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया गया है. इसी तर्ज पर बोकारो में भी ऐसी व्यवस्था विकसित की जा सकती है. इससे मुख्य बाजार क्षेत्र को व्यवस्थित रखने के साथ छोटे दुकानदारों को निर्धारित स्थान पर कारोबार करने का अवसर मिल सकेगा.
रोजगार और व्यवस्था के बीच संतुलन पर जोर
उपायुक्त के सुझाव का उद्देश्य अतिक्रमण हटाने के बाद प्रभावित छोटे कारोबारियों के रोजगार और शहर की व्यवस्थित यातायात व्यवस्था के बीच संतुलन कायम करना है. अब वैकल्पिक स्थान के चयन और फूड स्ट्रीट विकसित करने को लेकर बीएसएल प्रबंधन की पहल महत्वपूर्ण होगी.
ये भी पढ़ें: नियोजन की मांग को लेकर विस्थापित अप्रेंटिस संघ का धरना, 19 सितंबर को होगी वार्ता
