बोकारो, कैंप दो स्थित सदर अस्पताल में शुक्रवार को विश्व श्रणव दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया. उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ अभय भूषण प्रसाद व सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ एनपी सिंह ने संयुक्त रूप से किया. सीएस डॉ प्रसाद ने कहा कि बहरेपन की शिकायतें लगातार बढ़ रही है. इसका प्रमुख कारण लगातार इयरबड्स का उपायोग एक प्रमुख कारण है. सिविल सर्जन डॉ प्रसाद ने कहा कि आमलोगों को लगता है कि इयरबड्स का उपयोग नुकसानदेह नहीं है. जबकि सच है कि कान के पर्दे को सबसे अधिक नुकसान पहुंचता है. धीरे-धीरे सुनने की क्षमता कम होने लगती है. जब तक बीमारी समझ में आती है, तब तक परेशानी बड़ी हो जाती है. डीएस डॉ सिंह ने कहा कि बहरेपन के अन्य कारणों को भी समझने की जरूरत है. बहरेपन के प्रमुख कारणों में बढ़ती उम्र भी आवाज को प्रभावित करता है. तेज आवाज के संपर्क में लगातार रहना भी परेशानी भरा है. इसके अलावा आनुवंशिक कारक, अन्य बीमारियां व संक्रमण, कान का संक्रमण होना, लगातार शरीर को प्रभावित करनेवाली दवाओं का प्रयोग है. कुछ शिशुओं को जन्म से ही बहरापन हो सकता है. जो गर्भावस्था के दौरान जटिलताओं या आनुवंशिक कारकों के कारण हो सकता है. कान में मैल का जमा होना भी सुनने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है. कान में चोट लगने से भी बहरापन होता है. मौके पर चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे.
Bokaro News : इयरबड्स के लगातार उपयोग से बहरेपन का खतरा : सिविल सर्जन
Bokaro News : सदर अस्पताल में विश्व श्रवण दिवस पर गोष्ठी का आयोजन, इयरबड्स से धीरे-धीरे सुनने की क्षमता कम होने लगती है.
