बोकारो, ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा, बोकारो ने मंगलवार को पास सेक्शन के समक्ष मजदूर प्रदर्शन सह सभा का आयोजन किया. अध्यक्षता आइडी प्रसाद ने की. वक्ताओं ने कहा कि जीवन, आजीविका व अधिकारों की रक्षा के लिए नौ जुलाई को संयुक्त किसान मोर्चा समर्थित मजदूर वर्ग की इस ऐतिहासिक देशव्यापी आम हड़ताल को सफल करना मजदूर वर्ग का ऐतिहासिक दायित्व बन गया है.
मुख्य वक्ता बीडी प्रसाद ने कहा कि 1991 में देश में नयी आर्थिक नीति लागू होने के बाद से, मजदूर वर्ग के स्वतंत्र क्षेत्रीय औद्योगिक कार्रवाइयों के अलावा रैलियां, धरने, महापड़ाव व 21 आम हड़तालों जैसे संयुक्त विरोध कार्रवाई के कारण प्रमुख क्षेत्रों में निजीकरण व एफडीआई की प्रक्रिया को धीमा करने के में काफी हद सफलता मिली. लेकिन, पिछले एक दशक से केंद्र सरकार ‘व्यापार करने में आसानी’ सुनिश्चित करने के नाम पर, सत्तारूढ़ दलों को कॉर्पोरेट्स द्वारा दी जाने वाली वित्तीय पोषण के प्रतिदान के लिए आतुर हो गयी है.श्री प्रसाद ने कहा कि कोविड संकट के दौरान आपदा में अवसर का नारा देकर आम जनता व मजदूर-किसान पर हमला तेज किया. आठ जनवरी 2020, 26 नवंबर 2020 व 28-29 मार्च 2022 को देशव्यापी आम हड़ताल के अलावा जिला व राज्य स्तर पर कार्रवाई हुई. मौजूदा श्रम कानूनों में कमियों के बावजूद भी कार्यस्थल, मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, संरक्षण और कल्याण आदि से संबंधित श्रमिकों के अधिकारों के संदर्भ में जो भी कवरेज उपलब्ध है, वह मजदूर वर्ग के लंबे संघर्षों के माध्यम से हासिल किया गया था. इसे चार श्रम संहिताओं के माध्यम से छीनने की साजिश की जा रही है.
इन्होंने किया संबोधित
एटक के आइडी प्रसाद, अबू नसर, प्राण सिंह, सीटू के केएन सिंह, आरके गोरांई, आरएन सिंह, एक्टू के देवदीप सिंह दिवाकर, जेएन सिंह, एआइयूटीयूसी के सुभाष प्रमाणिक, बोकारो कर्मचारी पंचायत के आरके वर्मा ने भी संबोधित किया.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
