फुसरो नगर परिषद के चुनाव में 58.37 फीसदी वोटिंग हुई़ 65083 में से लगभग 37988 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया. मतदान सुबह सात बजे से शुरू हुआ और दिन बढ़ने के साथ मतदाताओं की भीड़ बूथों पर धीरे-धीरे बढ़ती गयी. अध्यक्ष पद की नौ और वार्ड पार्षद पद के 129 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतपेटियों में बंद हो गया. चुनाव संपन्न होने के बाद मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ लेकर पोलिंग पार्टियां चास कृषि बाजार स्थित वज्रगृह के लिए लेकर रवाना हुईं.
चुनाव को लेकर 28 वार्डों में 65 बूथ बनाये गये थे. किसी बूथ पर हिंसा व मारपीट की घटना की खबर नहीं है. हर बूथ पर सुरक्षा बलों की तैनाती थी. निर्वाची पदाधिकारी बेरमो एसडीएम मुकेश मछुआ, बेरमो एसडीपीओ वशिष्ठ नारायण सिंह, चुनाव सामान्य पर्यवेक्षक शादात अनवर, व्यय पर्यवेक्षक विजय कुमार, वार्ड के आरओ बेरमो बीडीओ मुकेश कुमार, चंद्रपुरा बीडीओ ईश्वरदयाल महतो, बेरमो सीओ संजीत कुमार, जरीडीह सीओ प्रणव ऋतुराज, नावाडीह सीओ प्रशांत हेंब्रम सहित कई थाना प्रभारी बूथों का निरीक्षण करते रहे.मतदान को लेकर फुसरो बाजार में सुबह 11 बजे तक अधिकतर दुकानें बंद थीं. फुटपाथ दुकानें भी काफी कम लगी थी. सड़कों पर भी सन्नाटा दिखा. दोपहर बाद कुछ दुकानें खुली.
चौक-चौराहों में जीत-हार के दावे और चर्चा शुरू
अनुसूचित महिला के लिए आरक्षित अध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतरी नौ प्रत्याशियों सहित 28 वार्ड पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ रहे 129 प्रत्याशियों के किस्मत का फैसला मतपेटी में बंद हो गया. 27 को चुनाव परिणाम आयेगा. अध्यक्ष और पार्षद पद के लिए कुल 76 महिला प्रत्याशी इस चुनाव में खड़ी थीं. इसलिए मतदान के दिन महिलाओं का उत्साह भी बूथों पर दिखा. मतदान समाप्त होते ही जीत और हार की चर्चा चौक-चौराहों में शुरू हो गयी. अध्यक्ष पद पर कांग्रेस समर्थित निर्मला देवी, भाजपा समर्थित ममता देवी, झामुमो समर्थित बीना कुमारी और झामुमो उलगुलान समर्थित सहोदरी देवी समेत अन्य प्रत्याशियों ने जीत का दावा किया. मालूम हो कि निर्मला देवी के समर्थन में बेरमो विधायक कुमार जयमंगल सहित कांग्रेस का पूरा कुनबा जहां लगा हुआ था, वहीं ममता देवी के समर्थन में भाजपा के कई बड़े नेताओं ने अपनी पूरी ताकत लगा रखी थी. बीना कुमारी के समर्थन में झामुमो के कई विधायक और पूर्व मंत्री सक्रियता से लगे हुए थे. मालूम हो कि फुसरो नप का अध्यक्ष पद पहली बार अनुसूचित महिला के लिए आरक्षित किया गया. इसके पहले वर्ष 2008 के चुनाव में इस पद पर बसंत सिंह, 2013 में नीलकंठ रविदास और 2018 में कांग्रेस प्रत्याशी राकेश कुमार सिंह जीते थे.
