कसमार, कसमार – बरलंगा वाया नेमरा पथ चौड़ीकरण व मजबूतीकरण परियोजना के तहत मंगलवार को खुदीबेड़ा मौजा में प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर दर्जनों रैयतों के अवैध निर्माण को तोड़ा. मौजा राशि प्राप्त करने के बावजूद संरचना नहीं हटाने पर कार्रवाई की गयी. बता दें कि इससे पहले शुक्रवार को भी बुलडोजर चलाकर बलपूर्वक संरचनाओं को हटाया गया था. उस समय विलंब से नोटिस मिलने वाले कुछ रैयतों को तीन दिनों की मोहलत दी गयी थी. हालांकि तीन दिनों के अंदर कई रैयतों ने अपनी जमीन पर बनी संरचनाओं को तोड़ दिया था. जिन्होंने तीन दिनों में आधा अधूरा तोड़कर घरों को छोड़ दिया था, वे जेसीबी को देखते ही खुद ही घरों को तोड़ने लड़े. जबकि कई घरों पर बुलडोजर चलाकर संरचना तोड़ दिया गया. इस अवसर पर कसमार सीओ प्रवीण कुमार, थाना प्रभारी भजन लाल महतो, प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी राजीव रंजन एवं कार्य एजेंसी गंगा कंस्ट्रक्शन के अधिकारी नरेंद्र कुमार पांडेय, भू अर्जन कार्यालय बोकारो के अमीन शरत कुमार महतो मुख्य रूप से उपस्थित थे. इस दौरान खुदीबेड़ा मौजा के सभी रैयतों से अपील की गयी कि जिन रैयत ने मुआवजा लेने के बाद एवं बार बार नोटिस देने का बावजूद अपनी संरचना को नहीं हटाया है, उन्हें दो बार मोहलत दे दी गयी है. अब अगर जल्द से जल्द रैयत अपनी जमीन से संरचना को नहीं हटाते हैं तो प्रशासन बलपूर्वक संरचना को हटाएगी. इस दौरान कुछ रैयतों ने बताया कि जमीन के दस्तावेज जमा होने के बावजूद भुगतान नहीं होने की शिकायत भी की. जिस पर जल्द भू अर्जन विभाग द्वारा जल्द मुआवजा भुगतान कराने की बात कही गयी. गंगा कंस्ट्रक्शन के अधिकारी नरेंद्र पांडेय ने बताया कि खुदीबेड़ा में सड़क निर्माण के दौरान जिन रैयतों ने मुआवजा राशि लेने एवं बार-बार नोटिस देने के बाद भी संरचना को नहीं हटाया था, उनके घर व अन्य संरचना को मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में जेसीबी लगाकर तोड़ा गया है. सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है. मौके पर गंगा कंस्ट्रक्शन के गुड्डू पाठक व विकास तिवारी समेत पुलिस बल मौजूद थे.
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