झारखंड हाइकोर्ट ने बोकारो की लापता 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची को बरामद करने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई की. सुनवाई के दाैरान कोर्ट ने सीबीआइ जांच से संबंधित बिंदु पर आपत्ति नहीं होने के संबंध में सरकार से जवाब देने को कहा.
शपथ पत्र के माध्यम से सरकार को यह बताने को कहा है कि इस मामले को सीबीआइ जांच देने में कोई आपत्ति तो नहीं है. मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता विसेंट रोहित मार्की व अधिवक्ता ऋतुल नंदा ने पक्ष रखा.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सीबीआइ जांच से संबंधित विषय पर एएसजीआइ प्रशांत पल्लव को इस विषय पर केंद्र सरकार से इंस्ट्रक्शन लेने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि मामले में विस्तृत जांच की संभावना को देखते हुए यह मामला सीबीआइ को सौंपा जा सकता है.
इसमें राज्य पुलिस की भी सहायता की जरूरत सीबीआइ को पड़ सकती है. पूर्व की सुनवाई में सीआइडी की ओर से बताया गया था कि बच्ची के सोशल मीडिया एकाउंट से कुछ नया क्लू मिला हैं. जांच टीम द्वारा इसका अध्ययन किया जा रहा है. इसके लिए मेटा से डाटा लेना पड़ेगा, यह क्रॉस बॉर्डर मामला हो सकता है.
उल्लेखनीय है कि 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची 16 अक्तूबर 2020 से लापता है. इसे लेकर बोकारो के पिंड्राजोरा थाना में प्राथमिकी दर्ज है. जांच के दौरान पुलिस की सुपरविजन रिपोर्ट में इसे अपहरण का मामला माना गया. घटनास्थल के पास बच्ची की साइकिल, चप्पल और किताबें बरामद हुई थीं. लापता बच्ची के मामले की जांच झारखंड सीआइडी द्वारा की जा रही है.
