बोकारो. जुलाई के बाद सितंबर में एक बार फिर चेन स्नेचिंग की घटनाओं ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है. 14 से 16 सितंबर के बीच चास और सेक्टर-4 थाना क्षेत्र में चेन स्नेचिंग की तीन घटनाएं सामने आयी हैं. तीनों मामलों में वारदात को अंजाम देने के बाद स्नेचर फरार हो गये. पुलिस ने घटनाओं की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है.
सिटी डीएसपी राजीव रंजन और सेक्टर-4 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस की संयुक्त टीम लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस जांच में बिहार के कटिहार से जुड़े कोढ़ा गैंग और ओडिशा के दास गैंग के सदस्यों की संलिप्तता की आशंका सामने आयी है. हालांकि, इन घटनाओं में किसी गैंग की संलिप्तता की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.
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जुलाई में दो संदिग्धों को भेजा गया था जेल
पुलिस के अनुसार, जुलाई में भी बोकारो में चेन स्नेचिंग की घटनाएं सामने आयी थीं. उस दौरान सेक्टर-4 पुलिस ने महाराष्ट्र से जुड़े वासवानी गैंग के एक सदस्य और दास गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. इसके बाद कुछ समय तक चेन स्नेचिंग की घटनाओं में कमी आयी थी. अब सितंबर में लगातार तीन घटनाएं सामने आने के बाद पुलिस फिर से सक्रिय हो गयी है.
फिलहाल कोढ़ा गैंग से जुड़े संदिग्ध पुलिस की पकड़ से बाहर हैं. पुलिस का कहना है कि तीनों गिरोहों से जुड़े संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है और उनके संभावित ठिकानों की भी जानकारी जुटायी जा रही है.
कटिहार, गयाजी और रांची में ठिकाना होने का दावा
पुलिस जांच के अनुसार, बिहार के कटिहार जिले का कोढ़ा इलाका चेन स्नेचिंग से जुड़े एक गिरोह के सदस्यों का प्रमुख ठिकाना बताया जाता है. पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद गिरोह के सदस्य स्थानीय स्तर पर अधिक समय नहीं रुकते और बिहार लौट जाते हैं.
इसी तरह महाराष्ट्र से जुड़े वासवानी गैंग के सदस्यों के बिहार के गया में अस्थायी ठिकाना बनाने की बात सामने आयी है. पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य बिहार से बाइक लेकर झारखंड के विभिन्न जिलों में पहुंचते हैं और छिनतई की घटनाओं के बाद वापस गया लौट जाते हैं. पुलिस जांच में छिनतई के सामान को वहीं खपाये जाने की आशंका भी जतायी गयी है.
ओडिशा के दास गैंग के संबंध में पुलिस का कहना है कि उसके सदस्यों ने झारखंड के रांची को अस्थायी ठिकाना बना रखा है. झारखंड के अलग-अलग जिलों में घटनाओं को अंजाम देने के बाद उनके रांची लौटने की बात सामने आयी है. पुलिस अब इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
बिना पुलिस सत्यापन के किरायेदार नहीं रखें : डीएसपी
सिटी डीएसपी राजीव रंजन ने बोकारोवासियों से किरायेदार रखने में सावधानी बरतने की अपील की है. उन्होंने मकान मालिकों से कहा है कि बिना पुलिस सत्यापन के किसी व्यक्ति को किराये पर आवास नहीं दें. उन्होंने किरायेदार के आधार कार्ड समेत आवश्यक दस्तावेज रखने और किरायेदार की जानकारी की एक प्रति संबंधित थाना में उपलब्ध कराने की सलाह दी है.
डीएसपी के अनुसार, थोड़े अधिक किराये के लालच में बिना कागजी कार्रवाई के आवास देने पर बाद में परेशानी हो सकती है. यदि किराये पर रहने वाला व्यक्ति किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल पाया जाता है, तो मकान मालिक को भी पुलिस जांच का सामना करना पड़ सकता है. पुलिस का कहना है कि किरायेदारों का सत्यापन अपराध की रोकथाम में मददगार हो सकता है.
एसआइटी कर रही जांच, जल्द गिरफ्तारी का दावा
बोकारो एसपी नाथू सिंह मीणा ने कहा कि अपराध करने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती. उन्होंने बताया कि चेन स्नेचिंग की घटनाओं की जांच एसआइटी कर रही है और संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है. एसपी ने कहा कि पुलिस तीनों गिरोहों से जुड़े संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रख रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जायेगा.
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