Bokaro: बोकारो जिला में लगातार हो रहे मानव – हाथी संघर्ष की घटना को गंभीरता से लेते हुए डीसी अजय नाथ झा की अध्यक्षता में सोमवार को गोपनीय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला स्तरीय वन अधिकार समिति की बैठक हुई. उद्देश्य आमजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, हाथियों के प्राकृतिक विचरण मार्ग को संरक्षित रखना और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना था. हाथियों के पारंपरिक विचरण मार्ग के दोनों तरफ बांस व अन्य उपयुक्त वनस्पतियों का व्यापक स्तर पर पौधारोपण कराया जाएगा. जिससे कि हाथियों को प्राकृतिक रूप से छुपने की जगह और भोजन मिल सके. डीसी ने निर्देश दिया कि इन पौधों की कटाई किसी भी स्थिति में व्यापारिक या निजी उपयोग के लिए नहीं की जायेगी. इसकी निगरानी ग्राम रक्षा दल और पशु रक्षा समिति द्वारा की जायेगी.
डीसी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित किया जाएगा. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि किसी भी सड़क या निर्माण परियोजना के दौरान हाथियों के पारंपरिक विचरण रूट में परिवर्तन नहीं किया जाएगा. आवश्यकता पड़ने पर हाथियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए पुल या अंडरपास का निर्माण किया जायेगा.
डीएमएफटी के माध्यम से सुरक्षा कार्यों को मिलेगी गति
मानव – वन्यजीव संघर्ष से संबंधित सुरक्षा, संरचना एवं अन्य आवश्यक कार्यों पर डीएमएफटी प्रबंधकीय समिति की बैठक में चर्चा की जाएगी और जरूरी निर्णय लिये जायेंगे. उपायुक्त ने कहा कि सभी निर्णयों का केंद्र बिंदु आम जनता की सुरक्षा होगी.
सामुदायिक वन अधिकार को मिलेगा बल
बैठक में अनुमंडल स्तरीय समिति से प्राप्त सामुदायिक वन पट्टा से संबंधित आवेदनों की अनुशंसा पर विचार करते हुए उन्हें स्वीकृति प्रदान की गयी. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि संबंधित पंचायत व ग्राम सभाओं को वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देने के लिए विशेष कार्यशाला का आयोजन किया जाए, ताकि समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके.
हाथी प्रभावित पंचायतों में मजबूत होगी आधारभूत संरचना
हाथियों के विचरण क्षेत्रों व प्रभावित पंचायतों में रात्रिकालीन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सोलर लाइट, हाई मास्क लाइट व सोलर फेंसिंग व्यवस्था स्थापित करने का निर्णय लिया गया. उपायुक्त ने वन विभाग को निर्देश दिया कि प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक स्थलों की सूची तैयार कर प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए.
अवैध माइनिंग और वन अपराधों पर कड़ा रुख
डीसी ने साइलेंसर हटाकर ट्रैक्टरों के माध्यम से की जा रही अवैध माइनिंग व पेड़ों की अवैध कटाई पर नाराजगी व्यक्त की. उपायुक्त ने तत्काल संबंधित थाना, अंचलाधिकारी, वन विभाग को निर्देश दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाये.
संयुक्त निगरानी तंत्र को करें सक्रिय
जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन व वन विभाग संयुक्त रूप से इसकी सतत निगरानी करेंगे. बिना साइलेंसर वाले ट्रैक्टर और अन्य वाहनों को दिन के समय ही जब्त करने का निर्देश दिया गया, ताकि रात्रिकालीन अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके.
नियमित समीक्षा बैठक का निर्णय
ग्राम रक्षा दल-पशु रक्षा समिति के साथ हरेक दो माह में प्रशासनिक समीक्षा बैठक होगी. इससे जमीनी स्तर पर उत्पन्न समस्याओं का समय से समाधान किया जा सके. इधर, जिला में ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण व नयी आजीविका के अवसर को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने मधुमक्खी पालन व महुआ प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने का निर्णय लिया है. उपायुक्त ने कहा कि पहल से ग्रामीण आय में वृद्धि होगी. वन्य उत्पादों का संवर्धन भी सुनिश्चित होगा.
हाथी हमले में मृतकों के प्रति शोक संवेदना
उपायुक्त अजय नाथ झा ने हाथियों के हमले से मृत व्यक्तियों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उनके परिजनों को हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया. मौके पर जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी नीतीश कुमार, अपर समाहर्ता मुमताज अंसारी, वन पदाधिकारी संदीप शिंदे, जिला कल्याण पदाधिकारी एनएस कुजूर, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह. समिति सदस्य बब्ली सोरेन समेत अन्य मौजूद थे.
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