15 दिनों में इंसाफ नहीं तो इच्छा मृत्यु दे दें!

काम से हटाये गये मजदूरों ने लिखा प्रधानमंत्री को पत्र... बेरमो : सीसीएल कथारा क्षेत्र के कथारा एवं स्वांग वाशरी में वर्षों से कार्यरत लगभग 250 ठेका मजदूरों एवं 200 निजी सुरक्षाकर्मियों ने भारत के प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर न्याय की गुहार लगायी है. मजदूरों ने कहा है कि 15 दिनों के अंदर यदि […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 29, 2017 5:54 AM

काम से हटाये गये मजदूरों ने लिखा प्रधानमंत्री को पत्र

बेरमो : सीसीएल कथारा क्षेत्र के कथारा एवं स्वांग वाशरी में वर्षों से कार्यरत लगभग 250 ठेका मजदूरों एवं 200 निजी सुरक्षाकर्मियों ने भारत के प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर न्याय की गुहार लगायी है. मजदूरों ने कहा है कि 15 दिनों के अंदर यदि न्याय नहीं मिला तो उन्हें सपरिवार इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाये. उक्त पत्र की प्रति केंद्रीय कोयला मंत्री एवं श्रम मंत्री को भी दी गयी है.
बकाया मांगना पड़ा भारी : मार्मिक पत्र में मजदूरों ने घटना का विस्तृत ब्योरा देते हुए लिखा है कि वाशरी मजदूरों का वेतन पांच माह से बकाया था. वेतन से काटे गये सीएमपीएफ की राशि का भी कोई हिसाब नहीं दिया गया. बकाया वेतन की मांग करने पर क्षेत्र के महाप्रबंधक बीके सिंह के मौखिक आदेश के तहत 25 नवंबर 2016 से एकमुश्त बिना सूचना के अवैध रूप से सभी संबंधित मजदूरों को काम से हटा दिया गया. उनके काम से हटाने पर दोनों वाशरियों की स्थिति जर्जर हो गयी है. वाशरी के कोयला स्टॉक में भयंकर आग बुझाने वालों के नहीं रहने से लाखों टन कोयला जल कर राख हो गया है.
थाने को चोरी की सूचना तक नहीं दी जाती : कहा,18 नवंबर 2016 से स्वांग वाशरी एवं कोलियरी के 116 और कथारा वाशरी के 16 निजी सुरक्षा कर्मियों को काम से बैठा दिये जाने तथा रिक्त पदों पर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं किये जाने से चोरी एवं अपराध की वारदात बढ़ गयी है. अपने कार्यों पर परदा डालने की नियत से सीसीएल प्रबंधन पुलिस को चोरी की सूचना तक नहीं दे रहा. अंत में उन्होंने 15 दिनों में उन्हें न्याय नहीं मिलने पर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है. कथारा प्रक्षेत्र में स्थायी प्रकृति में बहाल असंगठित कामगारों ने अपनी छंटनी को अवैध कहते हुए उक्त पत्र लिखा है.