रांचीः पीएचडी कर चुके अभ्यर्थियों को रिसर्च और डेवलपमेंट में ही रेगुलर करियर बनाने वाले को फेलोशिप मिलेंगे. वैसे अभ्यर्थियों को प्रतिमाह लगभग 65 हजार रुपये कम से कम एक वर्ष व अधिक से अधिक दो वर्ष के लिए मिलेंगे. जो भी अभ्यर्थी एआइसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्थानों/विवि में फुल-टाइम/रेगुलर मोड में पोस्ट-डॉक्टरल रिसर्च करना चाहते हैं. वे आवेदन कर सकते हैं.
यह फेलोशिप मुख्य रूप से इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, डिजाइन, होटल मैनेजमेंट और कैटरिंग टेक्नोलॉजी, एप्लाइड साइंस (फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स), प्लानिंग, कंप्यूटर एप्लीकेशन, एप्लाइड आर्ट्स क्राफ्ट और डिजाइन तथा इंटर-डिसिप्लिनरी क्षेत्रों के उन रिसर्च स्कॉलर्स को बढ़ावा देना है, जिन्होंने अपनी पीएचडी पूरी कर ली है. एआइसीटीइ पोस्ट-डॉक्टरल फेलोशिप के लिए योग्य संस्थानों और अभ्यर्थियों को मान्यता प्राप्त सभी संस्थानों/विवि को एआइसीटीइ एडीएफ पोर्टल पर कैंडिडेट यूनिक आइडी बनानी होगी.
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20 अक्तूबर तक ऑनलाइन आवेदन, एक जनवरी से शुरू होगी फेलोशिप
इसके बाद इस पोर्टल पर 20 अक्तूबर तक ऑनलाइन आवेदन भरना होगा. आवेदन का मूल्यांकन एक नवंबर 2026 से 30 नवंबर तक मूल्यांकन किया जायेगा. जबकि चयनित अभ्यर्थियों की घोषणा 15 दिसंबर 2026 तक होगी. फेलोशिप अवार्ड की शुरूआत एक जनवरी 2027 से की जायेगी. देशभर से कुल 200 अभ्यर्थियों का चयन इस फेलोशिप के लिए किया जायेगा. फेलोशिप की राशि डीबीटी के माध्यम से होगी.
पांच स्कॉलरशिप के लिए 31 अक्तूबर तक आवेदन
इस बीच एआइसीटीइ ने प्रगति स्कॉलरशिप (डिग्री व डिप्लोमा), सक्षम स्कॉलरशिप (डिग्री व डिप्लोमा) और स्वनाथ स्कॉलरशिप (डिग्री व डिप्लोमा) के लिए अभ्यर्थी 31 अक्तूबर तक आवेदन कर सकते हैं. जबकि आइएनओ स्तर पर आवेदन के वेरिफिकेशन 15 नवंबर तक और एसएनओ स्तर पर वेरिफिकेशन 30 नवंबर तक की तिथि निर्धारित की गयी है. आवेदन नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल के माध्यम से जमा करना है.
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इंस्पायर अवॉर्ड मानक में स्कूलों से 11654 विद्यार्थियों के मॉडल का नॉमिनेशन
शिक्षा विभाग की ओर से इंस्पायर अवॉर्ड मानक के तहत राज्य के स्कूली विद्यार्थियों के मॉडल का नॉमिनेशन बढ़ाने का प्रयास तेज कर दिया गया है. राज्यभर के स्कूलों से 11654 विद्यार्थियों के मॉडल का नॉमिनेशन हो सका है. यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 33682 कम है. वर्ष 2025 में झारखंड के स्कूलों से 45336 विद्यार्थियों के मॉडल का नॉमिनेशन किया गया था. इस वर्ष अधिक से अधिक विद्यार्थियों को योजना से जोड़ना शिक्षा विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती है. अब तक सबसे अधिक नॉमिनेशन करनेवाले जिलों में पलामू आगे है.
यहां 2105 विद्यार्थियों के मॉडल का नॉमिनेशन हुआ है. साहिबगंज की स्थिति सबसे खराब है. जिले से अब तक सिर्फ 76 विद्यार्थियों के मॉडल का नॉमिनेशन हुआ है. राजधानी रांची के स्कूलों की स्थिति भी अच्छी नहीं है. अब तक रांची के स्कूलों से 526 विद्यार्थियों के मॉडल का नॉमिनेशन हुआ है, जबकि इंस्पायर के लिए जिले में 821 स्कूल रजिस्टर्ड हैं. स्कूलों से अधिक से अधिक विद्यार्थियों के अभिनव विचार व मॉडल पोर्टल पर दर्ज कराने को कहा जा रहा है. इंस्पायर अवॉर्ड मानक भारत सरकार की महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य स्कूली बच्चों में रचनात्मक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना विकसित करना है. चयनित विचारों को आगे बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है.
