पटना से मनोज कुमार की रिपोर्ट
Tender Scam: सरकारी टेंडरों में हेराफेरी में रिशु श्री के साझीदार रहे तीन अधिकारियों को एसवीयू ने गिरफ्तार कर लिया. वित्त विभाग के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी रहे मुमुक्षु चौधरी, भवन निर्माण विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता तारिणी दास और नगर विकास एवं आवास विभाग के कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है.
अधिकारियों से पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी
सूत्रों के अनुसार, एसवीयू ने तीनों अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया था. कई घंटे तक चली पूछताछ के दौरान एजेंसी ने उनके सामने विभिन्न दस्तावेज, वित्तीय लेन-देन से जुड़े ब्योरे और जांच के दौरान जुटाये गये अन्य सबूत रखे. अधिकारियों के जवाबों और उपलब्ध सबूतों के जांच के बाद एसवीयू ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया.
मुमुक्षु चौधरी पर नगर निकायों में पदस्थापन के दौरान रिशु श्री से जुड़ी कंपनियों को कथित रूप से लाभ पहुंचाने और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता बरतने के आरोप हैं. बताया जाता है कि पूर्व में हुई छापेमारी के दौरान उनके ठिकानों से बड़ी मात्रा में नकदी और अन्य दस्तावेज बरामद हुए थे. इसके बाद से वे एसवीएयू निशाने पर थे.
तारिणी दास के आवास से करोड़ों रुपये हुए थे बरामद
भवन निर्माण विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता तारिणी दास भी इस मामले के प्रमुख आरोपितों में शामिल हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूर्व कार्रवाई के दौरान उनके आवास से करोड़ों रुपये नगद बरामद हुए थे. इसके बाद राज्य सरकार ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की थी. आरोप है कि सरकारी निर्माण कार्यों और टेंडरों में प्रभाव का इस्तेमाल कर कुछ चुनिंदा कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया.
ठेकेदारों से रिश्वत लेने के आरोपी हैं उमेश सिंह
नगर विकास एवं आवास विभाग के कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार सिंह पर रिशु श्री समूह से जुड़े ठेकेदारों से कथित रूप से रिश्वत लेने, बिल भुगतान में अनियमितता बरतने और अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप हैं. ईडी और एसवीयू की जांच के दौरान उनके नाम का उल्लेख सामने आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई तेज हुई थी.
तीनों की रिमांड मांगेगी एसवीयू
सूत्रों का कहना है कि एजेंसी अब तीनों गिरफ्तार अधिकारियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड की मांग कर सकती है. जांच एजेंसियां वित्तीय लेन-देन, कथित अवैध संपत्तियों, बैंक खातों और विभिन्न कंपनियों के साथ इनके संबंधों की गहन पड़ताल करना चाहती हैं. माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान कई और अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं.
संजीव हंस पर भी निगाह
इस मामले में नामजद वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजीव हंस को लेकर भी एजेंसियों की गतिविधियां तेज हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल राज्य से बाहर हैं. एसवीयू संजीव हंस पर भी दोबारा दबिश दे सकती है.
अधिकारियों और ठेकेदारों के कारोबारी नेटवर्क की हो रही पड़ताल
जानकारी के मुताबिक, रिशु श्री भ्रष्टाचार और कथित टेंडर घोटाला मामले की जांच में पहले से ही ईडी, एसवीयू और अन्य एजेंसियां एक्टिव हैं. जांच के दौरान कई अधिकारियों, अभियंताओं और कारोबारी नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल की जा रही है.
