– राष्ट्रीय युवा महासंघ ने शुरू किया राज्यव्यापी नशामुक्ति अभियान
जदिया.
बिहार का लाल, नशे का काल के संकल्प के साथ राष्ट्रीय युवा महासंघ ने राज्यव्यापी नशा मुक्त युवा, सशक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया. कोरियापट्टी पूरब स्थित हॉस्पिटल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया.कार्यक्रम की अध्यक्षता मुखिया राजेश कुमार ने की. जबकि राष्ट्रीय युवा महासंघ के अध्यक्ष ई एलके निराला अभियान के सूत्रधार रहे. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नशा आज समाज के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है. उन्होंने कहा कि नशा बीमारी है, गुनाह नहीं, नशे के शिकार लोगों को अपराधी नहीं, मरीज समझकर उनका समुचित इलाज और पुनर्वास किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि आज शायद ही कोई परिवार ऐसा बचा हो जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से नशे की समस्या से प्रभावित न हो. युवाओं को नशे के दुष्चक्र से बाहर निकालने के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर काम करना होगा.
युवाओं का भविष्य दांव पर
मुखिया राजेश कुमार ने कहा कि बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव और नशा कारोबारियों के बढ़ते नेटवर्क ने युवाओं को गलत रास्ते पर धकेल दिया है. कोरेक्स, अल्प्राजोलम, गांजा और स्मैक जैसे नशीले पदार्थ अब गांवों और शिक्षण संस्थानों तक पहुंच चुके हैं. इसके कारण परिवार टूट रहे हैं और युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है. वहीं सरपंच संतोष मंडल ने कहा कि नशा कोई शौक नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य का शोषण है. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के आर्थिक लाभ के लिए पूरी पीढ़ी को बर्बादी की ओर ढकेला जा रहा है, जिसे समाज किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा.
पांच सूत्री संघर्ष मॉडल पर चलेगा अभियान
राष्ट्रीय युवा महासंघ के महासचिव अनिल पासवान ने बताया कि अभियान को केवल नारों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसके लिए पांच सूत्री संघर्ष मॉडल तैयार किया गया है. इसके तहत प्रत्येक पंचायत में नशा कारोबारियों और नशापान के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाया जाएगा. कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों और पंचायत स्तर पर बुद्ध चौपाल का आयोजन कर नुक्कड़ नाटक, पोस्टर अभियान और चिकित्सकों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. मानगंज पंचायत समिति सदस्य एवं महासंघ के संयोजक सुनील कुमार ने कहा कि युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे ताकि खाली समय और बेरोजगारी के कारण वे नशे की ओर आकर्षित न हों.
