वीरपुर (सुपौल) से प्रमोद कुमार की रिपोर्ट
Supaul News: वीरपुर नगर के केशव नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में बुधवार से सात दिवसीय “शौर्य शिविर” का शुभारंभ हो गया. भूमि पूजन के साथ शुरू हुए इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में उत्तर बिहार के 21 जिलों से आई लगभग 150 महिला प्रशिक्षु भाग ले रही हैं. 10 जून तक चलने वाले इस शिविर का उद्देश्य युवतियों और महिलाओं को आत्मरक्षा, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और राष्ट्रभावना से जोड़ना है.
शिविर के उद्घाटन अवसर पर धार्मिक विधि-विधान के साथ भूमि पूजन संपन्न हुआ. कार्यक्रम में दुर्गा वाहिनी की उत्तर बिहार संयोजिका शिवानी देव विशेष रूप से मौजूद रहीं. भूमि पूजन के दौरान शिविर की सफलता, महिला सशक्तिकरण और समाज में सकारात्मक नेतृत्व की भावना विकसित होने की कामना की गई.
इस अवसर पर दुर्गा वाहिनी मातृ शक्ति उत्तर बिहार की प्रांत संयोजिका अनीता गुप्ता, पूर्णिया जिला मातृ शक्ति संयोजिका भारती देवी, बजरंग दल के जिला संयोजक मुकेश कुमार यादव सहित कई जिलों से पहुंची बहनों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही.
सेल्फ डिफेंस ट्रेनिग से बढ़ेगा आत्मविश्वास
आयोजकों के अनुसार सात दिनों तक चलने वाले इस शिविर में प्रतिभागियों को आत्मरक्षा के विभिन्न व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए जाएंगे. प्रशिक्षण कार्यक्रम में दंड संचालन, तलवारबाजी, यष्टि प्रशिक्षण, जूडो-कराटे, समता योग के साथ अन्य शारीरिक गतिविधियों का अभ्यास कराया जाएगा.
शिविर का मुख्य फोकस महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता विकसित करना है, ताकि वे किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति का सामना मजबूती से कर सकें.
लीडरशिप स्कील पर भी रहेगा विशेष फोकस
आयोजकों ने बताया कि प्रशिक्षण केवल शारीरिक दक्षता तक सीमित नहीं रहेगा. प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को मानसिक मजबूती, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों पर भी मार्गदर्शन दिया जाएगा. इसके माध्यम से युवतियों को समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा.
बदलते दौर में आत्मरक्षा की बढ़ी जरूरत
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं के लिए आत्मरक्षा का प्रशिक्षण बेहद महत्वपूर्ण हो गया है. ऐसे शिविर महिलाओं को न केवल आत्मरक्षा के कौशल सिखाते हैं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित करते हैं.
स्थानीय कार्यकर्ताओं और प्रतिभागियों में शिविर को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है. आयोजकों को उम्मीद है कि यह शौर्य शिविर महिला सशक्तिकरण और व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा.
