भीमनगर में एसएसबी की कार्रवाई, मानव तस्करी के चंगुल से बचाए गए सात नेपाली बच्चे

SSB Rescues Nepali Teenagers: 15 जून को भीमनगर चेक पोस्ट पर एसएसबी के जवान नियमित जांच अभियान में तैनात थे. इसी दौरान सात नाबालिग बच्चे सीमा पार कर भारत की ओर आते दिखाई दिए. जांच के दौरान बच्चे अपनी नागरिकता से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके. उनके साथ कोई अभिभावक भी मौजूद नहीं था.

वीरपुर (सुपौल) से प्रमोद कुमार की रिपोर्ट:

SSB Rescues Nepali Teenagers: भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी की सतर्कता से सात नेपाली नाबालिग बच्चों को संभावित मानव तस्करी और बाल श्रम के चंगुल में फंसने से बचा लिया गया. 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) वीरपुर ने भीमनगर चेक पोस्ट पर नियमित जांच के दौरान यह महत्वपूर्ण कार्रवाई की. इसके बाद बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई.

दस्तावेज नहीं दिखा सके बच्चे, बढ़ा संदेह

जानकारी के अनुसार 15 जून को भीमनगर चेक पोस्ट पर एसएसबी के जवान नियमित जांच अभियान में तैनात थे. इसी दौरान सात नाबालिग बच्चे सीमा पार कर भारत की ओर आते दिखाई दिए. जांच के दौरान बच्चे अपनी नागरिकता से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके. उनके साथ कोई अभिभावक भी मौजूद नहीं था.

पूछताछ के दौरान बच्चों ने अलग-अलग और विरोधाभासी बयान दिए, जिससे सुरक्षा बलों को मानव तस्करी की आशंका हुई. इसके बाद मामले की सूचना तत्काल मानव तस्करी विरोधी इकाई (एएचटीयू) को दी गई.

एएचटीयू की जांच में सामने आए संदिग्ध तथ्य

मौके पर पहुंची एएचटीयू की टीम ने बच्चों से विस्तृत पूछताछ की. प्रारंभिक जांच में संकेत मिले कि बच्चों को बाल श्रम कराने के उद्देश्य से कहीं ले जाया जा रहा था. इसके बाद एसएसबी और एएचटीयू ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में ले लिया.

जांच में पता चला कि सभी बच्चे नेपाल के सप्तरी जिले के विभिन्न गांवों के निवासी हैं. अधिकारियों ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आगे की प्रक्रिया शुरू की.

नेपाल प्रहरी को सौंपे गए बच्चे

आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सातों बच्चों को सुरक्षित रूप से नेपाल प्रहरी, भांटाबारी के सुपुर्द कर दिया गया. अब नेपाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई करेंगी.

मानव तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान

इस अभियान में एसएसबी वीरपुर के सहायक उपनिरीक्षक चंदन सिंह, मानव तस्करी विरोधी इकाई के सहायक उपनिरीक्षक भारत भूषण समेत अन्य जवान शामिल रहे.

द्वितीय कमान अधिकारी एवं कार्यवाहक कमांडेंट जगदीश कुमार शर्मा ने कहा कि सशस्त्र सीमा बल मानव तस्करी, बाल शोषण और बच्चों की अवैध आवाजाही जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित निगरानी, सघन जांच और जागरूकता अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं.

बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

एसएसबी की इस कार्रवाई को सीमा क्षेत्र में मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि समय पर की गई कार्रवाई से सात मासूम बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सका. साथ ही यह अभियान सीमा क्षेत्रों में सक्रिय तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा बलों की सतर्कता और प्रतिबद्धता का भी मजबूत उदाहरण है.

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Published by: Shruti Kumari

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