– प्रभारी मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा – बाढ़-सुखाड़ तैयारियों का भी लिया जायजा- सहयोग शिविरों के माध्यम से 30 दिनों में होगा आवेदनों का निष्पादन- सुंदर सुपौल’ के निर्माण के लिए जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर करें काम- बाढ़ और सुखाड़ से निपटने की तैयारियों की भी हुई व्यापक समीक्षासुपौल समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में सोमवार को योजना एवं विकास विभाग के मंत्री सह सुपौल के प्रभारी जिला मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा की अध्यक्षता में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले की विभिन्न विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. बैठक में सांसद दिलेश्वर कामैत, विधान पार्षद अजय कुमार सिंह, विधायक निर्मली अनिरुद्ध प्रसाद यादव, विधायक पिपरा रामविलास कामत, विधायक त्रिवेणीगंज सोनम रानी, जिलाधिकारी सावन कुमार, पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस, उप विकास आयुक्त सारा असरफ, अपर समाहर्ता सचिदानंद सुमन, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव, उपाध्यक्ष नरेंद्र प्रसाद ऋषिदेव सहित समिति के सभी सदस्य, एवं सभी जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे.
जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है सुनिश्चित
बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री श्री कुशवाहा ने कहा कि सरकार आम जनता तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ‘सरकार आपके द्वार’ की अवधारणा को धरातल पर उतारते हुए प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि सात निश्चय 03 के तहत ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ संकल्प को साकार करने के लिए जिले में 19 मई से सहयोग शिविरों की शुरुआत की गई है. अब तक प्राप्त 3201 आवेदनों में से 2745 का निष्पादन किया जा चुका है, जबकि शेष आवेदनों पर कार्रवाई जारी है. मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी आवेदनों का 30 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा.प्रभारी मंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि विकास की गति तभी तेज होगी. जब सभी पक्ष मिलकर जनहित के लिए कार्य करेंगे. उन्होंने ‘सुंदर सुपौल’ के निर्माण के लिए सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से सक्रिय एवं प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया.
जिलाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने आश्वस्त किया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों का नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.बैठक में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, समाज कल्याण, सामाजिक सुरक्षा, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, जीविका, कृषि, नगर विकास, ऊर्जा, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, सहकारिता, पशुपालन, खेल सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की अद्यतन स्थिति पर पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई. इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने योजनाओं की प्रगति पर अपने सुझाव एवं विचार भी रखे.
बाढ़ एवं सुखाड़ की तैयारियों की समीक्षा के लिए जिला अनुश्रवण समिति की बैठक
बैठक के उपरांत प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की तैयारियों की समीक्षा के लिए जिला अनुश्रवण समिति की बैठक भी आयोजित की गई. मंत्री ने आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन की तैयारियों की सराहना करते हुए सभी विभागों को समन्वित ढंग से कार्य करने का निर्देश दिया.
अंत में प्रभारी मंत्री ने कहा कि जनहितकारी योजनाओं का प्रभावी और सफल क्रियान्वयन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसके लिए सभी अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने स्तर पर सक्रिय भूमिका निभानी होगी. धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक का समापन किया गया. बैठक में नप मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा राघव, पूर्व विधायक लखन ठाकुर, हरेकांत झा, ओमप्रकाश यादव, प्रदीप कुमार सिंह मुन्ना, कुणाल ठाकुर, प्रमोद कुमार मंडल, ललिता जायसवाल, विनीता देवी आदि मौजूद थे.