घर-घर में न्याय की जागृति’ अभियान के तहत परसा में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

योजना स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के सहयोग से संचालित की जा रही है, जिससे आम नागरिक अपने अधिकारों और कानूनी उपायों की जानकारी प्राप्त कर सकें

लोगों को बताए गए कानूनी अधिकार, न्याय तक आसान पहुंच और मुफ्त विधिक सहायता के प्रावधान सुपौल बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव मो अफजल आलम के मार्गदर्शन में परसा में एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, न्याय तक पहुंच और मुफ्त विधिक सहायता की जानकारी देना था. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पैनल अधिवक्ता शक्ति कुमारी शारिका ने बताया कि “घर-घर में न्याय की जागृति ” एक राष्ट्रव्यापी जमीनी स्तर का अभियान है, जिसका उद्देश्य कानूनी जागरूकता को संस्थागत रूप देकर एक जागरूक और सशक्त नागरिक समाज का निर्माण करना है. उन्होंने कहा कि यह योजना स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के सहयोग से संचालित की जा रही है, जिससे आम नागरिक अपने अधिकारों और कानूनी उपायों की जानकारी प्राप्त कर सकें. उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत प्रत्येक माह स्थानीय स्तर पर जागरूकता सत्र आयोजित किए जाते हैं, ताकि ग्रामीण एवं कमजोर वर्गों तक कानूनी सहायता और शिक्षा की व्यापक पहुंच सुनिश्चित की जा सके. कार्यक्रम में लोगों को बताया गया कि किसी भी प्रकार के अन्याय, शोषण या कानूनी समस्या की स्थिति में वे निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं. शारिका ने कहा कि यह पहल संविधान के अनुच्छेद 39(ए) की भावना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक या सामाजिक कारणों से न्याय से वंचित न रहे. उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा जरूरत पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क करने की अपील की. कार्यक्रम में मो मोअज्जम, मिथलेश कुमार चौधरी सहित स्थानीय ग्रामीण एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे.

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