सुपौल.
जिला मुख्यालय स्थित जिला कृषि कार्यालय के समक्ष बिहार राज्य किसान सलाहकार संघ जिला इकाई सुपौल के द्वारा ईपीएफ घोटाला में शामिल सभी दोषियों पर कार्रवाई व गबन राशि वापसी को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का आगाज किया गया.ईपीएफ किसी सरकार की मेहरबानी नहीं, किसान सलाहकार की खून-पसीना की है कमाई
किसान सलाहकार संघ जिला इकाई के जिलाध्यक्ष सचिन कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष डॉ अमन कुमार ने कहा कि 1.20 करोड़ की राशि कोई मामूली रकम नहीं है. ईपीएफ किसी सरकार की मेहरबानी नहीं बल्कि किसान सलाहकार की खून-पसीना की कमाई है. एक-एक पाई लौटाना होगा, दोषियों को जेल जाना होगा. यह आंदोलन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि व्यवस्था में बैठे भ्रष्ट पदाधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ हैं. कहा कि फर्जी निकासी, गलत खातों में ट्रांसफर और बिना सहमति के पैसा निकालने जैसे संगीन मामले सामने आए हैं. यह सीधे-सीधे किसान सलाहकार के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है. ईपीएफ घोटाले की उच्च स्तरीय जांच आर्थिक अपराध इकाई या स्पेशल विजिलेंस से कराई जाय. पीड़ित किसान सलाहकारों की एक-एक पाई ब्याज सहित 30 दिनों के भीतर उनके खाते में वापस किया जाए. जिलाध्यक्ष सचिन कुमार सिंह ने कहा कि बुधवार को शांतिपूर्ण कार्यक्रम हुआ है. कहा कि दोषियों पर कार्रवाई शुरू नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. वक्ताओं ने कहा कि ईपीएफ घोटाले में शामिल दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई होने के साथ-साथ पीड़ित किसान सलाहकार की मेहनत की गाढ़ी कमाई वापस होने तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगी.
कार्यक्रम में जिला सचिव पप्पू कुमार, जिला कोषाध्यक्ष सुशील कुमार, रणविजय कुमार, उमेश कुमार मेहता, मो जफर, उपेन्द्र कामत, विजय कुमार, उमाकांत कामत, अशोक मंडल, हेमंत कुमार, बमबम कुमार, पिन्टू पासवान, दिनेश राम, संजीव कुमार, चंदन सिंह, माधव झा, भवेश कुमार, मो फजरूल रहमान, कृष्णा कुमार, प्रवीन कुमार, कृष्ण मोहन कुमार, हिमांशु कुमार, संजय कुमार आदि उपस्थित थे.