बिहार में गणतंत्र दिवस पर स्कूल में आपत्तिजनक नारेबाजी, छात्रों ने दी गवाही, शिक्षक मंसूर आलम गिरफ्तार

Bihar: बिहार के सुपौल जिले में गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक शिक्षक को विवादित नारेबाजी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. शिक्षक मोहम्मद मंसूर आलम ने ध्वजारोहण के दौरान कथित तौर पर जिन्ना के समर्थन में नारे लगाए थे. छात्रों की गवाही और हेडमास्टर की शिकायत के बाद पुलिस ने यह सख्त कार्रवाई की है.

Bihar, राजीव कुमार झा: 26 जनवरी 2026 को सुपौल के किसनपुर में हाई स्कूल में ध्वजारोहण का कार्यक्रम चल रहा था. इसी दौरान स्कूल के शिक्षक मोहम्मद मंसूर आलम ने कथित तौर पर पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री मोहम्मद अली जिन्ना के पक्ष में नारे लगाए. वहां मौजूद छात्रों और अन्य शिक्षकों ने जब यह सुना तो उन्होंने तुरंत इसका विरोध किया.

हेडमास्टर की शिकायत पर पुलिस की कार्रवाई

शिक्षक की इस हरकत के बाद विद्यालय के हेडमास्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज करते ही जांच शुरू की और स्कूल पहुंचकर आरोपी शिक्षक मंसूर आलम को हिरासत में ले लिया.

छात्रों ने दी गवाही

इस मामले में स्कूल के छात्र ही मुख्य गवाह बने हैं. जांच के दौरान कई विद्यार्थियों ने पुलिस को बताया कि शिक्षक ने वाकई कार्यक्रम के दौरान विवादित नारे लगाए थे. छात्रों के बयानों के आधार पर पुलिस ने अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया है.

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पुलिस प्रशासन का कड़ा रुख

सुपौल के एसपी शरथ आरएस ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि राष्ट्रीय पर्व पर ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि उपलब्ध सबूतों और गवाहों के आधार पर शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया है और अब उन पर कानूनी प्रक्रिया के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस घटना के बाद से स्कूल प्रशासन और गांव के लोगों में काफी नाराजगी है.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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