सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलेगा विशेष अभियान

अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और होर्डिंग हटाने का आदेश

-जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स की बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर डीएम व एसपी ने दिए कड़े निर्देश

-हाईवे पर अब नहीं चलेगी मनमानी: अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और होर्डिंग हटाने का आदेश

सुपौल.

बिहार सड़क सुरक्षा परिषद के निर्देशों के आलोक में समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में जिला पदाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस, जिला परिवहन पदाधिकारी संजीव कुमार सज्जन, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रतिनिधि सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं टास्क फोर्स के सदस्य उपस्थित रहे. साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे संचालित पेट्रोल पंप, होटल, ढाबा एवं धर्मकांटा संचालकों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया.

बैठक में सुपौल जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा, अवैध अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट), सड़क सुरक्षा अवसंरचना व आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई.

बैठक को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों को अतिक्रमण एवं अवैध पार्किंग से मुक्त रखना सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने एनएचएआई को निर्देश दिया कि राष्ट्रीय राजमार्गों की भूमि पर अवैध अतिक्रमण तथा लंबे समय से खड़े वाहनों की सूची तैयार कर संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किया जाए तथा उसकी प्रति संबंधित अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष को उपलब्ध कराई जाए.

अभियान चलाकर 10 जून तक अतिक्रमण हटाएं सभी सीओ व थानाध्यक्ष

डीएम ने सभी अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि प्राप्त सूची के आधार पर विशेष अभियान चलाकर 10 जून 2026 तक सभी अवैध अतिक्रमण हटाना सुनिश्चित करें. साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे लंबे समय से खड़े वाहनों को भी हटाने की कार्रवाई की जाए.

बैठक में हाईवे पर भारी वाहनों की अवैध पार्किंग को दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बताते हुए पुलिस एवं परिवहन विभाग को संयुक्त रूप से विशेष प्रवर्तन अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. एनएचएआई को ऐसे स्थलों की पहचान कर सूची उपलब्ध कराने को कहा गया, जहां नियमित रूप से ट्रक एवं अन्य भारी वाहन सड़क किनारे खड़े किए जाते हैं. डीएम ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवश्यकतानुसार पार्किंग बे, ट्रक ले-बाय एवं अन्य पार्किंग सुविधाओं के विकास तथा पर्याप्त दिशा-सूचक एवं चेतावनी संकेतक स्थापित करने का निर्देश भी दिया.

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों के राइट ऑफ वे (आरओडब्लू) एवं सुरक्षा क्षेत्र में अवैध रूप से स्थापित विज्ञापन बोर्ड, होर्डिंग, एलईडी डिस्प्ले, हाई-मास्ट लाइट एवं अन्य वाणिज्यिक संरचनाओं की समीक्षा करते हुए उन्हें चिन्हित कर नियमानुसार हटाने का निर्देश दिया गया.

पुलिस अधीक्षक ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे नियमित एवं रात्रि गश्ती के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों का विशेष निरीक्षण करें तथा किसी भी परिस्थिति में नया अतिक्रमण विकसित नहीं होने दें. उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के बाद उसकी लगातार निगरानी की जाए ताकि दोबारा कब्जा न हो सके. बैठक में उपस्थित पेट्रोल पंप, होटल, ढाबा एवं धर्मकांटा संचालकों को भी स्पष्ट निर्देश दिया गया कि उनके प्रतिष्ठानों के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रक, बस अथवा अन्य भारी वाहनों की कतार नहीं लगनी चाहिए. सभी संचालकों को अपने परिसर के भीतर पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था विकसित करने को कहा गया.

दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) की समीक्षा करते हुए एनएचएआई एवं संबंधित विभागों को संयुक्त निरीक्षण कर चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर, रोड मार्किंग, क्रैश बैरियर एवं अन्य सड़क सुरक्षा अवसंरचनाओं को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा हाईवे पेट्रोलिंग, ओवरस्पीडिंग नियंत्रण, रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर रोक, सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान, एम्बुलेंस एवं क्रेन की उपलब्धता तथा गोल्डन ऑवर रिस्पॉन्स सिस्टम की भी समीक्षा की गई.

बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स नियमित अंतराल पर बैठक कर सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों की समीक्षा करेगी तथा सर्वोच्च न्यायालय एवं बिहार सड़क सुरक्षा परिषद के निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा.

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