Siwan Weather Update : मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है. पिछले एक सप्ताह से दिन में तेज धूप, रात में तापमान में गिरावट और ओस पड़ने के कारण दिन-रात के तापमान में अंतर बढ़ गया है. कभी-कभी आसमान में बादल छाने से भी मौसम का मिजाज बदल रहा है. ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही लोगों को बीमार कर सकती है. इन दिनों सीवान में वायरल बुखार, सर्दी-खांसी और एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है. वहीं डेंगू और चिकनगुनिया की आशंका को लेकर भी लोगों में चिंता बनी हुई है.
बदलते मौसम में बढ़ा मौसमी बीमारियों का प्रकोप
चिकित्सक डॉ. संजय कुमार गिरी ने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है. ऐसे समय में लोगों को अपनी सेहत के प्रति विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है. बच्चों और बुजुर्गों पर इस दौरान खास ध्यान देना चाहिए, क्योंकि बदलते मौसम में संक्रमण का खतरा इन्हीं वर्गों में अधिक रहता है.
सर्दी, खांसी और बुखार के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं. हाल के दिनों में बड़ी संख्या में लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. सरकारी अस्पतालों की तुलना में निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में मरीजों की भीड़ अधिक देखी जा रही है. हालांकि, राहत की बात यह है कि अधिकांश मरीज चार से पांच दिनों में ठीक हो जा रहे हैं.
छोटे बच्चों में निमोनिया का खतरा अधिक
चिकित्सकों के अनुसार कम उम्र के बच्चों और अधिक उम्र के बुजुर्गों को सर्दी-बुखार होने पर विशेष देखभाल की जरूरत है. खासकर दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों में सर्दी और बुखार के साथ निमोनिया का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में बच्चों को घर पर ही लंबे समय तक रखने के बजाय तत्काल चिकित्सक से जांच कराकर उपचार शुरू कराना चाहिए.
वहीं इस समय डेंगू के मामले भी सामने आ रहे हैं. ऐसे में बुखार को सामान्य वायरल मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. तेज बुखार, शरीर में दर्द, अत्यधिक कमजोरी या अन्य लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है.
वायरल फीवर के साथ एलर्जी के भी बढ़े मामले
बदलते मौसम में वायरल इंफेक्शन के अलावा एलर्जी के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है. मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण कई लोगों को सर्दी, जुकाम, गले में खराश और बुखार की शिकायत हो रही है. चिकित्सकों के अनुसार इस दौरान शरीर की प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है.
जिन लोगों को सर्दी, खांसी या बुखार की शिकायत है, उन्हें मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए. इससे संक्रमण को दूसरे लोगों तक फैलने से रोकने में मदद मिलेगी. चिकित्सकों ने बदलते मौसम में ठंडे पानी और शीतल पेय पदार्थों के सेवन से भी सावधानी बरतने की सलाह दी है.
खान-पान पर दें विशेष ध्यान
मौसम में बदलाव के दौरान खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. पौष्टिक आहार लेने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए और भोजन में मौसमी फल एवं हरी सब्जियों को शामिल करना चाहिए.
विटामिन सी से भरपूर फल जैसे संतरा और नींबू का सेवन भी लाभकारी माना जाता है. चिकित्सकों ने अत्यधिक ठंडे खाद्य एवं पेय पदार्थों से परहेज करने तथा तबीयत खराब होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी है.
वायरल फीवर को डेंगू-चिकनगुनिया समझकर घबरा रहे लोग
इन दिनों वायरल इंफेक्शन के मरीजों में बुजुर्ग, युवा और बच्चे सभी शामिल हैं. वायरल फीवर के लक्षण सामने आने पर कई लोग इसे डेंगू या चिकनगुनिया समझकर परेशान हो जा रहे हैं. चिकित्सकों का कहना है कि लक्षणों के आधार पर खुद से बीमारी का अनुमान लगाने के बजाय आवश्यकता पड़ने पर जांच करानी चाहिए.
साफ-सफाई और जरूरी सावधानियां बरतकर संक्रमण से बचाव किया जा सकता है. घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने चाहिए.
नारियल पानी और कीवी की बढ़ी मांग, कीमतों में भी उछाल
मौसमी बीमारियों के बढ़ने के साथ बाजार में नारियल पानी और कीवी फल की मांग भी बढ़ गई है. वायरल फीवर से पीड़ित लोग और उनके परिजन प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से इनका सेवन कर रहे हैं. चिकित्सकों की सलाह के बाद भी लोग इन फलों की खरीदारी कर रहे हैं.
नारियल पानी विक्रेता गौतम प्रसाद ने बताया कि करीब 15 दिन पहले एक नारियल 70 से 80 रुपये में बिक रहा था. अब इसकी कीमत बढ़कर 90 से 100 रुपये प्रति पीस हो गई है. इसी तरह कीवी फल 35 से 40 रुपये प्रति पीस बिक रहा है. खपत बढ़ने के कारण कीमतों में तेजी आई है.
हालांकि, किसी भी फल या पेय को बीमारी का इलाज मानकर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. बीमारी के लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह और उचित उपचार जरूरी है.
