Siwan News: (विवेक कुमार सिंह) बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवादल के आह्वान पर मंगलवार को गोपालगंज मोड़ स्थित धरना स्थल पर वित्त रहित शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. विभिन्न वित्त रहित विद्यालयों और महाविद्यालयों से पहुंचे शिक्षकों, प्राचार्यों और कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को रखा.
प्रदर्शनकारियों ने वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने, शिक्षण संस्थानों का समायोजन करने और नियमित वेतनमान लागू करने की मांग की.
चार दशक से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रहे शिक्षक: संजय यादव
धरना को संबोधित करते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष डॉ. संजय यादव ने कहा कि वित्त रहित शिक्षक पिछले चार दशकों से राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद आज भी वित्त रहित शिक्षकों को सम्मानजनक वेतन, सेवा सुरक्षा और अन्य सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है. उन्होंने सरकार से शिक्षकों की मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की.
मांगें पूरी नहीं हुईं तो पटना में होगा बड़ा आंदोलन
शिक्षक नेता प्रो. जयराम यादव ने कहा कि सरकार को वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करनी चाहिए और चुनाव के दौरान किए गए नियमितीकरण के वादे को पूरा करना चाहिए.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर शिक्षकों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो 24 अगस्त को पटना में बड़ा आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री से कफन मांगने तक की नौबत आ सकती है.
समाहरणालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
धरना प्रदर्शन के बाद शिक्षकों और कर्मचारियों ने समाहरणालय तक पदयात्रा निकाली. इसके बाद जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया.
ज्ञापन में वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने, शिक्षण संस्थानों का समायोजन, नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा, पेंशन और कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा लागू करने की मांग की गई.
धरना में कई शिक्षक नेता रहे मौजूद
धरना कार्यक्रम में पारस सिंह कुशवाहा, सुनील श्रीवास्तव, रामनिवास, मधु पांडे, भारत प्रसाद, मोहम्मद औरंगजेब, ईमानुल हक, हरेराम यादव, चंद्रशेखर कुशवाहा समेत कई शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे.
