Sujit murder case in Siwan: सीवान नगर थाना क्षेत्र के फलमंडी में 25 जुलाई की सुबह हुए चर्चित सुजीत हत्याकांड का खुलासा घटना के 12 दिन बाद भी नहीं हो सका है. हत्या के बाद पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) अब तक न तो आरोपियों तक पहुंच सकी है और न ही किसी की गिरफ्तारी हो सकी है. ऐसे में मृतक के परिजनों में पुलिस की जांच को लेकर चिंता और नाराजगी बढ़ती जा रही है.
क्या हुआ था?
25 जुलाई की अहले सुबह नगर थाना क्षेत्र के फलमंडी के पास एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी. मृतक की पहचान पचरुखी थाना क्षेत्र के इटवा उत्तर टोला निवासी सुजीत के रूप में हुई थी. पुलिस जांच में सामने आया कि अपराधियों ने सुजीत की गोली मारकर हत्या की थी और शव को फलमंडी के पास फेंक दिया था.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. इसके बाद एफएसएल और पुलिस टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए.
एसपी ने तुरंत बनाई थी एसआईटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने हत्या के जल्द खुलासे और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया. टीम को तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया.
हत्या की वजह क्या थी?
अब तक पुलिस ने हत्या के पीछे की वजह का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है. हालांकि जांच टीम पुरानी रंजिश, आपसी विवाद, लेन-देन और अन्य संभावित कारणों सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा.
सीसीटीवी और मोबाइल डेटा की हो रही जांच
एसआईटी ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है. इसके अलावा मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है. कई संदिग्धों और स्थानीय लोगों से पूछताछ भी की गई है.
सुजीत के साथियों से भी पूछताछ
पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले सुजीत किन लोगों के संपर्क में था, आखिरी बार किसके साथ देखा गया था और वह किसके बुलावे पर शहर पहुंचा था. इस आधार पर उसके कुछ परिचितों और साथियों से भी पूछताछ की गई है.
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परिजनों ने उठाए सवाल
घटना के 12 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से परिजनों में नाराजगी है. उनका कहना है कि यदि पुलिस समय रहते अपराधियों तक पहुंच जाती तो परिवार को जल्द न्याय मिलने की उम्मीद होती. उन्होंने एसआईटी से जांच में तेजी लाने और जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है.
पुलिस का दावा- जल्द होगा खुलासा
नगर इंस्पेक्टर अविनाश कुमार ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर लगातार छापेमारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि जांच अंतिम चरण में है और जल्द ही हत्या की गुत्थी सुलझाकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
क्या है आरोपियों का ट्रैक रिकॉर्ड?
फिलहाल पुलिस ने किसी आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की है और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई है. इसलिए आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड या पृष्ठभूमि के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है. ऐसी जानकारी सामने आने पर ही उसका उल्लेख किया जाना चाहिए.
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