Bijli Vibhag : सीवान के भगवानपुर प्रखंड की सोंधनी पंचायत के मीराटोला वार्ड संख्या 13 में बिजली व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो गई है. कई जगह बिजली के पोलों के बीच अधिक दूरी होने के कारण तार काफी नीचे तक लटक गए हैं. इससे ट्रैक्टर और अन्य ऊंचे वाहनों के तार से टकराने का खतरा बना हुआ है.
कहीं पेड़ और रस्सी के सहारे बिजली के तार बांधकर आपूर्ति की जा रही है. वहीं कई जगह पोल लगाये जाने के बावजूद उन पर तार नहीं खींचे गये हैं. कई घरों के गेट के सामने खाली पोल खड़े हैं. जबकि कुछ जगह एक ही पोल से काफी दूरी तक कई उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिया गया है.
खुले और जर्जर तारों से बना है खतरा
ग्रामीणों के अनुसार कई पोलों पर खुले और अनावश्यक तार भी लटके हुए हैं. इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. ग्रामीणों ने बताया कि बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए पिछले करीब एक वर्ष से विद्युत विभाग को लगातार आवेदन दिया जा रहा है. इसके बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है.
ग्रामीणों ने बताया कि नया प्राथमिक विद्यालय मीराटोला के समीप भी रस्सी के सहारे बिजली का तार बांधकर आपूर्ति की जा रही है. विद्यालय में रोजाना बच्चों का आना-जाना रहता है. ऐसे में यहां किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है.
गोवासी टोला में सड़क के ऊपर लटक रहे तार
गोवासी टोला में भी सड़क के ऊपर से गुजर रहे खुले बिजली के तार जर्जर होकर काफी नीचे तक लटक गये हैं. भगवानपुर हाट से सोंधनी, गोवासी, मीराटोला, बिलाशपुर और माघर होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-227ए तक जाने वाली यह प्रमुख ग्रामीण सड़क कई गांवों को जोड़ती है.
इस सड़क पर रोजाना बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है. ग्रामीणों के अनुसार गोवासी टोला में दिलीप शर्मा के घर से लेकर एचपी चंदा गैस एजेंसी तक बिजली के पुराने खुले तार पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं. तार सड़क के काफी नीचे तक लटक रहे हैं.
गैस एजेंसी के वाहनों से भी बना रहता है खतरा
इसी मार्ग से गैस एजेंसी के बड़े वाहन एलपीजी सिलेंडर लेकर आते हैं. इसके अलावा सैकड़ों उपभोक्ता भी गैस लेने के लिए इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में नीचे लटके बिजली के तारों से किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है.
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है. साथ ही अतिरिक्त पोल लगाने, ढीले और खुले तारों को व्यवस्थित करने तथा पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को सुरक्षित बनाने की मांग की गयी है.
क्या कहते हैं कनीय विद्युत अभियंता
कनीय विद्युत अभियंता नदीम हसन ने बताया कि यह लंबा कार्य है. इसमें 15 से 20 नये पोल लगाने की आवश्यकता है. फिलहाल केबल लगाने का काम नहीं चल रहा है. जैसे ही कार्य शुरू होगा, आवश्यक सुधार कर दिया जाएगा.
विद्यालय के पास रस्सी के सहारे लटके बिजली के तार के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मामले की तत्काल जांच करायी जा रही है.
