Siwan News: (भगवानपुर हाट से रंजीत कुमार यादव की रिपोर्ट )
सीवान जिले के भगवानपुर हाट थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 38 वर्षीय युवक की मौत हो गई. जनाजे में शामिल होकर घर लौट रहे युवक को एनएच-331 पर एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम पसर गया.
घर लौटने के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
मृतक की पहचान नगवां नल बंध टोला निवासी सयफुल मियां के 38 वर्षीय पुत्र कलाम मियां के रूप में हुई है. बताया जाता है कि मंगलवार की शाम वह गांव के एक व्यक्ति के जनाजे में मिट्टी देकर वापस घर लौट रहे थे. घर पहुंचने से पहले एनएच-331 स्थित रेलवे ओवरब्रिज के समीप सड़क पार करने के दौरान तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी.
घर से महज 500 मीटर दूर चली गई जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कलाम मियां की मौके पर ही मौत हो गई. हादसा उनके घर से लगभग 500 मीटर की दूरी पर हुआ. घटना की सूचना मिलते ही भगवानपुर हाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सीवान भेज दिया.
हादसे के बाद फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार की रात ही शव को एनएच-331 पर रखकर सड़क जाम कर दिया. जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कुछ समय के लिए आवागमन पूरी तरह ठप हो गया. ग्रामीणों का आरोप था कि इस मार्ग पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं.
यातायात नियमों की अनदेखी पर उठे सवाल
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि भारी वाहन तेज गति से गुजरते हैं और यातायात नियमों का पालन नहीं करते, जिसके कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं. ग्रामीणों ने दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन से ठोस और प्रभावी कार्रवाई की मांग की. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया. इसके बाद आवागमन सामान्य हो सका. वहीं पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान और मामले की जांच में जुटी हुई है.
चार बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
बुधवार की सुबह पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव पहुंचा, मृतक के घर पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. कलाम मियां अपने पीछे चार पुत्रियों को छोड़ गए हैं. उनकी सबसे बड़ी बेटी की उम्र करीब 18 वर्ष बताई जा रही है. परिवार के सामने अब भरण-पोषण की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है. मृतक का शव घर पहुंचते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई. परिजनों के विलाप और चीत्कार से माहौल बेहद गमगीन हो गया.
