Siwan News (अफजल अनवर) : बिजली व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाये रखने में मानव बल की सबसे बड़ी भूमिका मानी जाती है. क्षेत्र में जब भी तेज आंधी, बारिश, भीषण गर्मी या रात के अंधेरे में जब भी बिजली लाइन में खराबी आती है, तो सबसे पहले इन्हीं मानव बल कर्मियों को मौके पर भेजा जाता है.विडंबना यह है कि अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने वाले इन कर्मियों को आज भी पर्याप्त सुरक्षा सामग्री सेफ्टी बैल्ट, टॉर्च, हेलमेट ग्लव्स, सीढ़ी, रेनकोट, पिलास, टेस्टर, नहीं मिल पा रहा है. विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में करीब 380 मानव बल विभिन्न शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत हैं, इनका काम बिजली लाइन की मरम्मत, फॉल्ट सुधारना, पोल पर चढ़कर तार जोड़ना और ट्रांसफॉर्मर से संबंधित कार्य करना होता है.
जान जोखिम में डालकर काम कर रहे बिजली कर्मी, हादसे की आशंका बढ़ी
यह कार्य काफी जोखिम भरा माना जाता है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है. इसके बावजूद अधिकांश मानव बल बिना हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, ग्लव्स, जूता और अन्य सुरक्षा उपकरणों के ही काम करने को मजबूर हैं. शहर से लेकर गांव तक कई जगहों पर यह देखा गया कि मानव बल कर्मी सीधे बिजली पोल पर चढ़कर काम कर रहे थे, लेकिन उनके पास कोई सुरक्षा उपकरण मौजूद नहीं था. कई कर्मी सामान्य चप्पल और साधारण कपड़ों में ही बिजली लाइन दुरुस्त करते दिखाई दिये. ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है. जब प्रभात खबर की टीम ने कार्यरत मानव बल कर्मियों से बातचीत की तो उन्होंने नाम नहीं छापने की शर्त पर कई गंभीर बातें बताईं.
सुरक्षा उपकरणों की कमी की शिकायतों पर लिया संज्ञान
मानव बल के सुरक्षा को देखते हुए जो मानव बल पोल पर चढ़ते हैं. उन्हें सेफ्टी किट बैग उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन ऐसी शिकायत अगर है तो सभी मानव बल को सेफ्टी किट बैग जल्द ही उपलब्ध करा दिया जायेगा.
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