Siwan News: (सीवान से अमर नाथ शर्मा की रिपोर्ट)
सीवान जिले के बड़हरिया प्रखंड के सुरहिया गांव निवासी एहतेशामुल हक ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. उन्होंने देश की प्रतिष्ठित प्रबंधन प्रवेश परीक्षा CAT में 99.37 परसेंटाइल प्राप्त कर भारतीय प्रबंधन संस्थान, भारतीय प्रबंधन संस्थान मुंबई के एमबीए कार्यक्रम में प्रवेश सुनिश्चित किया है. उनकी इस सफलता से परिवार, गांव और पूरे जिले में खुशी का माहौल है.
गांव के युवक ने राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया सीवान का मान
सुरहिया गांव निवासी एसरारुल हक उर्फ डीजू के पुत्र एहतेशामुल हक ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादे और निरंतर मेहनत के बल पर किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है. उनकी सफलता को जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि माना जा रहा है.
शिक्षा से जुड़े परिवार से रखते हैं संबंध
एहतेशामुल हक के पिता एसरारुल हक स्वास्थ्य विभाग में स्वास्थ्य प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं और वर्तमान में हुसैनगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सेवाएं दे रहे हैं. उनकी माता जाहिदा खातून शिक्षिका हैं और मध्य विद्यालय, सीवान में कार्यरत हैं. परिवार ने हमेशा उन्हें शिक्षा और मेहनत के लिए प्रेरित किया.
सीवान से बेंगलुरु तक का रहा शानदार शैक्षणिक सफर
एहतेशामुल हक की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल कबीरपुर से हुई. जहां से उन्होंने वर्ष 2018 में हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की. इसके बाद वर्ष 2020 में इकरा पब्लिक स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की. उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने आर.वी. इंजीनियरिंग कॉलेज से वर्ष 2024 में बीटेक की डिग्री प्राप्त की.
नौकरी के साथ की CAT की तैयारी
इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्होंने एली लिली एंड कंपनी के बेंगलुरु कार्यालय में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्य शुरू किया. नौकरी की व्यस्तता के बावजूद उन्होंने CAT परीक्षा की तैयारी जारी रखी और शानदार प्रदर्शन करते हुए 99.37 परसेंटाइल हासिल कर लिया.
IIM मुंबई में मिला प्रवेश
CAT में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर एहतेशामुल हक का चयन भारतीय प्रबंधन संस्थान मुंबई के एमबीए कार्यक्रम के लिए हुआ है. यह उपलब्धि उनके समर्पण, अनुशासन और कड़ी मेहनत का परिणाम मानी जा रही है. उनकी सफलता की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और ग्रामीणों में खुशी का माहौल है. लोगों ने इसे सीवान जिले के लिए गौरव का क्षण बताया है और उम्मीद जताई है कि उनकी उपलब्धि से जिले के अन्य युवा भी प्रेरणा लेकर बड़े लक्ष्य हासिल करेंगे.
युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत
एहतेशामुल हक की सफलता यह संदेश देती है कि छोटे गांवों और साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले युवा भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं. सही दिशा, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी मंजिल को हासिल किया जा सकता है.
