Siwan Liquor Smuggling: शराबबंदी के बावजूद सीवान जिले में शराब की तस्करी और अवैध बिक्री पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी है. इसे लेकर जिला उत्पाद विभाग और पुलिस की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है. उत्पाद विभाग के अनुसार, 1 जनवरी से 23 अगस्त 2026 तक जिले में 28,085 स्थानों पर छापेमारी की गयी. इस दौरान बड़ी मात्रा में शराब बरामद करने के साथ तस्करों और शराब पीने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गयी.
1.71 लाख लीटर से अधिक शराब बरामद
उत्पाद विभाग के अनुसार, इस वर्ष अब तक कुल 1,71,047 लीटर शराब बरामद की गयी है. इसमें 42,227 लीटर देसी शराब और 65,475 लीटर विदेशी शराब शामिल है. इसके अलावा छापेमारी के दौरान 14,070 लीटर अर्धनिर्मित शराब (जावा-पास) और 63,345 लीटर चुलाई शराब भी बरामद की गयी.
उत्पाद विभाग का कहना है कि शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए जिले के सीमावर्ती इलाकों और प्रमुख मार्गों पर लगातार वाहन जांच की जा रही है. अवैध चुलाई शराब के निर्माण वाले संभावित ठिकानों पर ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी और छापेमारी की जा रही है.
शराब बेचने और पीने के आरोप में 2,459 गिरफ्तार
उत्पाद विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 2,459 लोगों को शराब बेचने और पीने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इनमें 1,076 शराब बेचने वाले और 1,383 शराब पीने वाले शामिल हैं. कार्रवाई के दौरान 324 दोपहिया, सात तीनपहिया, 85 चारपहिया वाहन और छह ट्रक जब्त किये गये हैं. इस मामले में कुल 2,436 प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं.
बॉर्डर और चेकपोस्ट पर लगातार वाहन जांच
उत्पाद इंस्पेक्टर शैलेंद्र राय ने बताया कि जिले की सीमाओं और प्रमुख मार्गों पर लगातार वाहन जांच की जा रही है. अवैध शराब निर्माण के ठिकानों पर ड्रोन से भी नजर रखी जा रही है. इसके अलावा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को शराब के नुकसान के प्रति जागरूक किया जा रहा है.
बोले उत्पाद अधीक्षक
उत्पाद अधीक्षक बिपिन कुमार ने कहा कि शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. जिले में आने वाले प्रमुख मार्गों और चेकपोस्टों पर दिन-रात वाहनों की जांच की जा रही है. शराब तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को भी बख्शा नहीं जायेगा.
इसे भी पढ़ें: चिराग पासवान ने छात्रों से की मुलाकात, CM सम्राट चौधरी के सामने BPSC, बेल्ट्रॉन और TRE-4 की मांगें रखीं
