Gandak River Flood: नेपाल में आयी भीषण बाढ़ के बाद गंडक नदी में दबाव बढ़ने से तटीय क्षेत्र के गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गयी है. प्रशासन का मानना है कि गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने और गोपालगंज जिले के बरौली व बैकुंठपुर प्रखंड क्षेत्र में तटबंध टूटने की स्थिति में सीवान के कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच सकता है. इसे देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है.
जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने बुधवार की शाम संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर पांच प्रखंडों के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. डीएम ने गोरेयाकोठी, लकड़ी नवीगंज, बसंतपुर, भगवानपुरहाट और बड़हरिया प्रखंड के बीडीओ, सीओ समेत जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की. उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में पूरी तरह अलर्ट रहने और संभावित बाढ़ से निबटने की तैयारी रखने का निर्देश दिया.
नदी और तटबंधों पर लगातार नजर रखने का निर्देश
डीएम ने अधिकारियों को नदी और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के साथ संवेदनशील क्षेत्रों की जानकारी जुटाने को कहा है. उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी तरह की सूचना मिलने पर तत्काल जिला प्रशासन को अवगत कराया जाए. संवेदनशील गांवों और पंचायतों में जरूरी तैयारियां पहले से पूरी रखने को भी कहा गया है.
2020 में तटबंध टूटने से 17 पंचायतों में पहुंचा था पानी
गंडक नदी के तटबंध टूटने का सीवान में पहले भी बड़ा असर देखने को मिला है. वर्ष 2020 में सारण तटबंध टूटने के बाद बाढ़ का पानी कई इलाकों में फैल गया था. उस समय बसंतपुर और लकड़ी नवीगंज सहित प्रभावित क्षेत्रों की 17 पंचायतों में बाढ़ का पानी पहुंचा था. इससे बड़ी संख्या में लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ था. कई जगहों पर सड़क संपर्क बाधित हो गया था और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था.
पुराने अनुभव को देखते हुए इस बार भी प्रशासन संभावित खतरे को लेकर पहले से सतर्कता बरत रहा है.
धमई नदी बढ़ा सकती है परेशानी
प्रशासन की चिंता इसलिए भी बढ़ गयी है कि इन प्रखंड क्षेत्रों से धमई नदी गुजरती है. गंडक नदी में जलस्तर बढ़ने या तटबंध टूटने की स्थिति में धमई नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ सकता है. इससे निचले इलाकों में पानी फैलने की आशंका रहती है.
लकड़ी नवीगंज और गोरेयाकोठी के कई इलाके बाढ़ की दृष्टि से अधिक संवेदनशील माने जाते हैं. नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति के बाद गंडक नदी के जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी हुई है. फ्लैश फ्लड की स्थिति में पानी का स्तर अचानक बढ़ सकता है. ऐसे में प्रभावित हो सकने वाले प्रखंडों के अधिकारियों को किसी भी परिस्थिति से निबटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है.
समय पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार स्थिति की निगरानी करें. संवेदनशील गांवों और पंचायतों में आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी रखने को कहा गया है. प्रशासन का प्रयास है कि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर लोगों को समय पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके और जनजीवन पर कम से कम असर पड़े.
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