सावन में बन रहे दुर्लभ संयोग, चारों सोमवार पर शिव आराधना से मिलेगा विशेष लाभ: ज्योतिषाचार्य

सावन के चारों सोमवार पर बन रहे हैं विशेष संयोग। ज्योतिषाचार्य से जानें शिव पूजा की विधि और मनोकामना पूर्ति के उपाय जो आपके जीवन की बाधाओं को दूर करेंगे।

सीवान: भगवान शिव को समर्पित श्रावण मास इस वर्ष विशेष ज्योतिषीय संयोग के साथ शुरू हुआ है. ज्योतिषाचार्य डॉ. धनंजय दुबे के अनुसार इस बार सावन का आगमन श्रवण नक्षत्र में हुआ है, जो इसे और अधिक शुभ बना रहा है. सावन की शुरुआत चंद्रमा के श्रवण नक्षत्र और मकर राशि में हुई है, जबकि श्रावण मास का समापन 28 अगस्त, शुक्रवार को राहु के शतभिषा नक्षत्र में होगा.

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इस वर्ष सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं और सभी सोमवार विशेष नक्षत्रों के प्रभाव में रहेंगे. इन दिनों भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, मंत्र जाप और बेलपत्र अर्पित करने से रोग, ऋण, शत्रु बाधा, ग्रह दोष और जीवन की विभिन्न समस्याओं से राहत मिलने का शुभ योग बन रहा है. श्रद्धालु अपनी मनोकामना के अनुसार अलग-अलग विधि से भगवान शिव की आराधना कर सकते हैं.

पहला सोमवार रोग और ऋण से मुक्ति के लिए शुभ

ज्योतिषाचार्य डॉ. धनंजय दुबे ने बताया कि पहला सोमवार 3 अगस्त को उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में रहेगा. यह दिन रोग, ऋण, शत्रु बाधा और जीवन की विभिन्न अड़चनों से मुक्ति के लिए विशेष शुभ माना गया है. इस दिन गंगाजल, दूध, काला तिल और दूर्वा से भगवान शिव का अभिषेक करने तथा सफेद चंदन, बेलपत्र और सफेद पुष्प अर्पित करने की सलाह दी गई है.

दूसरा सोमवार विद्यार्थियों और नौकरी-व्यवसाय के लिए खास

10 अगस्त को पड़ने वाला दूसरा सोमवार आद्रा नक्षत्र में रहेगा. ज्योतिषाचार्य के अनुसार यह दिन विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, नौकरी एवं व्यवसाय में सफलता की कामना करने वालों तथा पारिवारिक कलह से परेशान लोगों के लिए विशेष फलदायी माना गया है. इस दिन काले और सफेद तिल मिले जल से भगवान शिव का अभिषेक कर 'ॐ भूतेश्वराय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करने का महत्व बताया गया है.

नागपंचमी के दिन तीसरा सोमवार

तीसरा सोमवार 17 अगस्त को नागपंचमी के दिन चित्रा नक्षत्र में पड़ेगा. इसे संतान प्राप्ति, पितृ शांति और कार्यों में सफलता के लिए विशेष माना गया है. इस दिन दूध में केसर मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करने, चांदी का नाग-नागिन का जोड़ा अर्पित करने तथा 'ॐ गौरीशंकराय नमः' मंत्र का जाप करने की सलाह दी गई है.

चौथा सोमवार महिलाओं और दांपत्य सुख के लिए शुभ

24 अगस्त को चौथा सोमवार पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा. ज्योतिषाचार्य के अनुसार यह दिन महिलाओं के कल्याण, दांपत्य सुख और असाध्य रोगों से मुक्ति की कामना के लिए शुभ माना गया है. इस दिन गन्ने के रस, दूध और घी से भगवान शिव का अभिषेक करने, 'ॐ उमामहेश्वराय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करने तथा पंचमुखी रुद्राक्ष को पूजा स्थल में स्थापित करने से विशेष लाभ मिलने की बात कही गई है.

श्रद्धा और विधि-विधान से करें शिव आराधना

ज्योतिषाचार्य डॉ. धनंजय दुबे ने कहा कि सावन माह में श्रद्धा, संयम और विधि-विधान के साथ भगवान शिव की आराधना करने से आध्यात्मिक उन्नति के साथ जीवन की अनेक बाधाओं को दूर करने का शुभ योग बनता है. श्रद्धालुओं को अपनी सामर्थ्य के अनुसार भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और भक्ति के लिए विशेष महत्व रखता है.

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By मनीष गिरि

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