सीवान के गुठनी में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, कई घरों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा

Saryu River Flood: सरयू नदी का जलस्तर लगातार तीसरे दिन खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है, जिससे तटवर्ती इलाकों में चिंता बढ़ गई है. निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने से फसलों पर मंडरा रहा खतरा. जानें पूरी स्थिति और ग्रामीणों के आरोप.

Saryu River Flood: सरयू नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ गई है. नदी का जलस्तर तीसरे दिन भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है. निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है, जिससे धान समेत अन्य फसलों के प्रभावित होने की आशंका है. सरयू के बढ़ते जलस्तर से गोगरा तटबंध पर भी दबाव बढ़ गया है.

61.20 मीटर पहुंचा सरयू का जलस्तर

जल संसाधन विभाग की ओर से शनिवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, सरयू नदी का वर्तमान जलस्तर 61.20 मीटर दर्ज किया गया है. यह चेतावनी स्तर से 1.38 मीटर तथा खतरे के निशान से 0.38 मीटर ऊपर है. जेई शुभम सिंह ने बताया कि नदी के जलस्तर में इस तरह का उतार-चढ़ाव होता रहता है. फिलहाल स्थिति में किसी बड़े खतरे की बात नहीं है.

निचले इलाकों में पहुंचा बाढ़ का पानी, फसलें प्रभावित

तटवर्ती ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो दिनों से नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है. ग्रामीणों के अनुसार, निचले इलाकों में पानी प्रवेश करने लगा है. अत्यधिक बारिश और जलस्तर बढ़ने से कई जगह धान की फसल डूब गई है. इसके अलावा मक्का, मूंगफली, बाजरा, अरहर और मूंग की फसलों को भी नुकसान होने की आशंका है.

हर साल 250 घरों पर मंडराता है बाढ़ का खतरा

सरयू नदी में प्रत्येक वर्ष आने वाली बाढ़ से खेती योग्य भूमि को काफी नुकसान होता है. नदी के किनारे बसे सोहगरा, सोनहुला, श्रीकरपुर, गोहरुआ, गुठनी, योगियाडीह, तिरबलुआ, ग्यासपुर, बलुआ, पांडेयपार, मैरिटार, दरौली, नरौली, केवटलिया, डूमरहर, अमरपुर, गंगपुर और सिसवन के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच जाता है. ग्रामीणों के अनुसार, प्रत्येक वर्ष करीब 250 घरों पर बाढ़ का खतरा बना रहता है.

कटाव निरोधी कार्य में लापरवाही का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हर साल नदी के कटाव से बड़े पैमाने पर नुकसान होने के बावजूद विभाग समय रहते कटाव निरोधी कार्य पूरा नहीं करता है. पूर्व विधायक सत्यदेव राम ने विभाग पर सरकारी मापदंडों की अनदेखी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विभागीय लापरवाही के कारण मजदूर, गरीब, किसान और पिछड़े वर्ग के लोगों को नुकसान उठाना पड़ता है.

उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों की मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि बाढ़ से पहले कटाव रोकने के लिए समय रहते ठोस पहल होनी चाहिए.

गुठनी से सिसवन तक स्थिति फिलहाल सामान्य

क्या कहते हैं कार्यपालक पदाधिकारी. कार्यपालक पदाधिकारी अमित आनंद ने बताया कि गुठनी से सिसवन तक सरयू नदी के आसपास के इलाकों की स्थिति फिलहाल सामान्य है. एसडीओ और जेई को समय-समय पर बाढ़ एवं कटाव से संबंधित रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है.

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By चंद्र प्रकाश दूबे

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