किसानों को किया जागरूक

प्रखंड के कृषि विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन एवं खेतों में पराली नहीं जलाने को लेकर प्रखंड के प्रतापपुर, चांप, छाता, मचकना, हथौड़ा, बघौनी, खानपुर खैराटी, पश्चिमी हरिहांस, बडरम, पूर्वी हरिहांस के साथ ही अन्य सभी पंचायतों में फसल अवशेष प्रबंधन एवं पराली जलाने से रोकने हेतु किसान जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को जागरूक किया गया.

प्रतिनिधि, हुसैनगंज. प्रखंड के कृषि विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन एवं खेतों में पराली नहीं जलाने को लेकर प्रखंड के प्रतापपुर, चांप, छाता, मचकना, हथौड़ा, बघौनी, खानपुर खैराटी, पश्चिमी हरिहांस, बडरम, पूर्वी हरिहांस के साथ ही अन्य सभी पंचायतों में फसल अवशेष प्रबंधन एवं पराली जलाने से रोकने हेतु किसान जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को जागरूक किया गया. इस संदर्भ में प्रतापपुर पंचायत भवन पर कृषि समन्वयक राजीव रंजन द्वारा पराली जलाने से होने वाले दुष्परिणाम के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया.पराली जलाने से खेत की उर्वरा शक्ति घटती है. वायुमण्डल में सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा बढ़ने से धुआं फैलने से वायु प्रदूषण बढ़ता है तथा मनुष्यों को सांस लेने में कठिनाई होती है. जिससे घातक बीमारियां होती है.फसल अवशेष जलाने से भूमि में पाए जाने वाले लाभदायक जीवाणु एवं कई मित्र कीट तथा केंचुआ मर जाते हैं.पराली प्रबंधन हेतु कृषि यंत्रों यथा हैप्पी सीडर, रोटरी मल्चर एवं एक्स्ट्रा रीपर पर कृषि विभाग द्वारा अनुदान का भी प्रावधान है.किसान पराली से भूसा बनाकर अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं. खेत में पराली जलाने वाले किसान सावधान हो जाएं,क्योंकि ड्रोन की माध्यम से आसमान से नजर रखी जा रही है,पकड़े जाने पर होगी कानूनी कार्रवाई की जायेगी. इस कार्यक्रम में किसान सलाहकार सुशेन मनोहर, सफवान रसीद,हरेंद्र प्रसाद,राकेश कुमार सहित दर्जनों किसान उपस्थित थे.

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By DEEPAK MISHRA

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