सीवान: मैरवा की जीविका दीदियों ने 15 माह के लंबित मानदेय के लिए मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) के तहत कार्यरत मैरवा की 12 सीआरपी जीविका दीदियों ने 15 महीने से लंबित मानदेय को लेकर मुख्यमंत्री को स्पीड पोस्ट से ज्ञापन भेजा है. गंभीर आर्थिक तंगी का सामना कर रहीं दीदियां जल्द सकारात्मक कार्रवाई की मांग कर रही हैं.

सीवान: राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) के अंतर्गत कार्यरत मैरवा नगर पंचायत की 12 सीआरपी जीविका दीदियों ने 15 माह से लंबित मानदेय सहित विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को स्पीड पोस्ट के माध्यम से ज्ञापन भेजा है. सभी जीविका दीदियों ने स्थानीय डाकघर पहुंचकर सामूहिक रूप से पत्र प्रेषित किया और जल्द सकारात्मक कार्रवाई की मांग की.

15 माह से नहीं मिला मानदेय, आर्थिक संकट गहराया

मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वे वर्षों से स्वयं सहायता समूहों के गठन, महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने, बैंक लिंकेज, वित्तीय समावेशन, प्रशिक्षण तथा आजीविका संवर्धन जैसे महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं. इसके बावजूद पिछले 15 महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है.

इन मांगों को लेकर भेजा ज्ञापन

जीविका दीदियों ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से कई मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख रूप से—

  • 15 माह से लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान
  • नियमित एवं समय पर मानदेय भुगतान की व्यवस्था
  • यात्रा एवं फील्ड कार्य के लिए व्यय की सुविधा
  • सेवा शर्तों को स्पष्ट और पारदर्शी बनाना
  • नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था
  • सामाजिक सुरक्षा एवं बीमा सुविधा
  • फील्ड स्तर पर सम्मानजनक और सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना

'बिना संसाधनों के निभा रहे हैं जिम्मेदारी'

ज्ञापन में कहा गया है कि पर्याप्त संसाधनों और आवश्यक सहयोग के अभाव में भी सीआरपी जीविका दीदियां अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं. सीमित सुविधाओं के कारण उन्हें कार्य के दौरान कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

मुख्यमंत्री से शीघ्र कार्रवाई की अपील

जीविका दीदियों ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान कर लंबित मानदेय का भुगतान कराया जाए. उनका कहना है कि इससे वे महिलाओं के सशक्तिकरण और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के उद्देश्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकेंगी.

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By राजन कुमार

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