Siwan News: बड़हरिया प्रखंड क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से खेतों में जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जिससे धान की फसल पर संकट गहराने लगा है. नवलपुर, सदरपुर, बालापुर, बीवी के बंगरा, सिकंदरपुर और राछोपाली सहित कई गांवों के निचले इलाकों में खेत पूरी तरह जलमग्न होने लगे हैं. लगातार जलभराव से किसानों की चिंता बढ़ गई है.
किसान भरत यादव, फागू यादव, लालबाबू सिंह, रामाज्ञा सिंह और नवल सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि यदि अगले एक-दो दिनों तक पानी की निकासी नहीं हुई और बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो धान की पौध सड़ने लगेगी. इससे उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा.
90 प्रतिशत रोपनी पूरी, अब फसल बचाने की चिंता
किसानों ने बताया कि क्षेत्र के लगभग 90 प्रतिशत खेतों में धान की रोपनी पूरी हो चुकी है. लेकिन लगातार बारिश के कारण कई फीट तक पानी जमा हो गया है. खेतों में जलभराव होने से पौधों की जड़ों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पा रही है, जिससे फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है.
जलनिकासी और सर्वे की मांग
प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने, प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराने और नुकसान की स्थिति में उचित सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है. उनका कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो धान की पूरी फसल बर्बाद हो सकती है.
क्या कहते हैं कृषि विशेषज्ञ
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार धान की फसल सीमित समय तक पानी सहन कर सकती है, लेकिन लंबे समय तक जलभराव बने रहने पर पौधों में सड़न, फफूंद और अन्य रोग लगने की आशंका बढ़ जाती है. इससे उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है.
प्रशासन ने किसानों को किया सतर्क
प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि जहां संभव हो, खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने के लिए उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करें और जलभराव की स्थिति पर लगातार नजर रखें. हालांकि मौसम में अभी और बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों की चिंता कम होती नहीं दिख रही है.
