सीवान: 25 जुलाई को छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने के राज्य सरकार के निर्देश के बाद मंगलवार को पूरे दिन गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों के परिजन उनकी रिहाई की उम्मीद में इंतजार करते रहे. कई लोग सुबह से ही संबंधित कार्यालयों और जेल के बाहर जानकारी लेने के लिए जुटे रहे, लेकिन देर शाम तक रिहाई की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी.
जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार के प्रशासनिक विभाग ने एडवोकेट जनरल के माध्यम से सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीशों, अभियोजन पदाधिकारियों तथा बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र भेजकर छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज प्राथमिकियों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्देश दिया है.
पत्र में कहा गया है कि 25 जुलाई को छात्र आंदोलन के दौरान शाम छह बजे तक दर्ज सभी प्राथमिकी वापस ली जाएं तथा इन मामलों में आगे किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाए.
रिहाई की उम्मीद में जेल के बाहर जुटे परिजन
राज्य सरकार के निर्देश की जानकारी मिलते ही गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों के परिजनों में रिहाई की उम्मीद जगी. मंगलवार की सुबह से ही कई परिजन संबंधित कार्यालयों और जेल के बाहर पहुंचकर रिहाई की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी लेते रहे.
हालांकि, प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण देर शाम तक गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई शुरू नहीं हो सकी. परिजनों को उम्मीद थी कि सरकार के निर्देश के बाद जल्द ही उनके परिजन जेल से बाहर आ जाएंगे.
प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगी कार्रवाई
राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता और भविष्य में सामान्य स्थिति बनाए रखने के उद्देश्य से दर्ज मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया है. सरकार के निर्देश के बाद संबंधित विभागों की ओर से आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है.
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सरकार के निर्देश के अनुरूप आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. आदेश के आलोक में संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई में जुटे हैं.
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