Siwan News: बड़हरिया थाना क्षेत्र के बड़हरिया-मीरगंज मुख्य मार्ग पर पुलिस ने शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 286.560 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की है. पुलिस ने शराब तस्करी में इस्तेमाल की जा रही बोलेरो पिकअप को जब्त कर लिया है. मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान दिल्ली के नरेला थाना क्षेत्र स्थित बाबू जगजीवन राम कॉलोनी निवासी राजदेव के पुत्र कंहैया और सागर के पुत्र सुशील के रूप में हुई है. पुलिस ने दोनों के कब्जे से एमसी डॉवेल्स और रॉयल स्टैग ब्रांड की कुल 286.560 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की है.
गुप्त सूचना पर पुलिस ने चलाया वाहन जांच अभियान
जानकारी के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मीरगंज की ओर से शराब की बड़ी खेप लेकर तस्कर बड़हरिया की तरफ आने वाले हैं. सूचना मिलते ही अपर थानाध्यक्ष कुंदन कुमार तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ज्ञानी मोड़ और खानपुर मोड़ के बीच सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया.
वाहन जांच के दौरान पुलिस को एक बोलेरो पिकअप पर संदेह हुआ. पुलिस टीम ने वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली. तलाशी के दौरान पिकअप से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद हुई. शराब की कुल मात्रा 286.560 लीटर बतायी गयी.
घेराबंदी कर दो तस्करों को पकड़ा
पुलिस टीम ने तत्परता और रणनीतिक तरीके से कार्रवाई करते हुए बोलेरो पिकअप को चारों तरफ से घेर लिया. इससे वाहन में सवार तस्करों को भागने का मौका नहीं मिला. पुलिस ने मौके से दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया.
शराब से लदी बोलेरो पिकअप को भी जब्त कर थाना लाया गया. पुलिस ने दोनों आरोपितों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं. मोबाइल फोन की जांच के आधार पर पुलिस शराब तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है.
शराब की खेप कहां से आयी, जांच में जुटी पुलिस
थानाध्यक्ष छोटन कुमार ने बताया कि बरामद शराब, जब्त वाहन, दोनों मोबाइल फोन और गिरफ्तार आरोपितों के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर ली गयी है. शुक्रवार को दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
पुलिस अब मामले की आगे की जांच में जुटी है. जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शराब की खेप कहां से लायी गयी थी और इसे सीवान सहित किन-किन क्षेत्रों में आपूर्ति किया जाना था. मोबाइल फोन से मिले संभावित सुरागों के आधार पर तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
