Siwan News: सिसवन प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बखरी स्थित आनंद बाग में शुक्रवार से दो दिवसीय भव्य संत मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ. आनंद बाग मठ के मठाधीश राजबल्लभ दास उर्फ जंगली बाबा ने महान संत जगनाथ दास एवं श्रीभगवान दास की समाधि पर बने मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और आरती कर मेले की शुरुआत की. दोपहर होते-होते पूरा बखरी बगीचा श्रद्धालुओं की भीड़ से पट गया और पूरा परिसर 'श्री गुरुवे नम:' के जयघोष से गूंज उठा.
श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर आनंद बाग एवं सुंदर बाग मठ में फल, फूल और इत्र अर्पित कर शीश नवाया और सुख-समृद्धि की मन्नतें मांगीं. इस दौरान विभिन्न भजन मंडलियों और गायकों द्वारा संत बाबा जगनाथ दास रचित 'सतगुरु सागर' का भावपूर्ण पाठ किया गया, जिससे समूचा वातावरण भक्ति रस में डूब गया.
चिंतक नहीं, कर्मशील बनें: मठाधीश जंगली बाबा
मेले के शुभारंभ अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए आनंद बाग मठ के मठाधीश राजबल्लभ दास उर्फ जंगली बाबा ने आध्यात्मिक संदेश दिया. उन्होंने कहा कि मनुष्य को केवल चिंतक बनकर नहीं बैठना चाहिए, बल्कि कर्मशील बनना चाहिए. केवल चिंतन करने से व्यक्ति कर्महीन हो जाता है, जबकि कर्मशील व्यक्ति अपनी हर समस्या का समाधान खुद तलाशता है और समाज के अन्य जरूरतमंद लोगों के कल्याण में भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाता है.
छितौली बगीचे में सजी दुकानें, बच्चों ने लिया झूलों का आनंद
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं के मनोरंजन और खरीदारी के लिए व्यापक प्रबंध देखने को मिले. छितौली बगीचे में लगे मीना बाजार में महिलाओं ने घरेलू सामान और शृंगार प्रसाधनों की जमकर खरीदारी की, जबकि बच्चों ने विभिन्न प्रकार के झूलों और खिलौनों का भरपूर आनंद लिया.
प्रशासनिक टीम रही मुस्तैद, विधि-व्यवस्था का लिया जायजा
मेले में उमड़ी भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा. सिसवन बीडीओ राजेश कुमार, सीओ उदयन सिंह, सिसवन थानाध्यक्ष और चैनपुर थानाध्यक्ष दल-बल के साथ मेला परिसर और आसपास के मार्गों पर लगातार गश्त करते रहे, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके.
