3710 के बदले 695.50 क्विंटल ही एफआरके मिला

पोषण युक्त फोर्टिफाइड राइस कर्नेल की आपूर्ति में पारदर्शिता लाने और सीएमआर संग्रहण की रफ्तार बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य खाद्य निगम ने बड़ा कदम उठाया है. निगम मुख्यालय पटना के आदेश के आलोक में एफआरके आपूर्ति के लिए न्यू पुलिस लाइन विदुरती हाता विस्कोमान गोदाम परिसर को चिन्हित किया गया है.

प्रतिनिधि, सीवान. पोषण युक्त फोर्टिफाइड राइस कर्नेल की आपूर्ति में पारदर्शिता लाने और सीएमआर संग्रहण की रफ्तार बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य खाद्य निगम ने बड़ा कदम उठाया है. निगम मुख्यालय पटना के आदेश के आलोक में एफआरके आपूर्ति के लिए न्यू पुलिस लाइन विदुरती हाता विस्कोमान गोदाम परिसर को चिन्हित किया गया है. अब एफआरके की आपूर्ति इसी स्थान से की जाएगी और पूरी प्रक्रिया जिला प्रबंधक की देखरेख में होगी. इस संबंध में जिला प्रबंधक ने आसिफ इकबाल ने एफआरके आपूर्तिकर्ता मे. मां दुर्गा इंडस्ट्रीज, मे. झुनझुनवाला ऑयल मिल्स लिमिटेड को निर्देश जारी किया है कि मिलरों द्वारा किए गए इंडेन्ट के अनुरूप शत-प्रतिशत एफआरके की आपूर्ति अविलंब सुनिश्चित की जाए.उन्होंने कहा कि एफआरके की कमी के कारण जिले में सीएमआर संग्रहण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. जिला प्रबंधक ने बताया कि मिलरों द्वारा कुल 3710.00 क्विंटल एफआरके का इंडेन्ट किया गया था, लेकिन इसके विरुद्ध अब तक मात्र 695.50 क्विंटल एफआरके की ही आपूर्ति की गई है. इस प्रकार 3014.50 क्विंटल एफआरके की आपूर्ति अब भी शेष है. एफआरके नहीं मिलने से सीएमआर की आपूर्ति की गति काफी धीमी हो गई है. जिससे सरकारी योजनाओं के लिए चावल आपूर्ति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. उन्होंने आपूर्तिकर्ता को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इंडेन्ट के विरुद्ध शत-प्रतिशत एफआरके की आपूर्ति नहीं की गई और इसके कारण सीएमआर आपूर्ति प्रभावित हुई, तो एकरारनामा में वर्णित प्रावधानों के तहत विधि सम्मत कार्रवाई के लिए निगम मुख्यालय पटना को अनुशंसा भेज दी जाएगी. एफआरके आपूर्ति को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए यह भी निर्देश दिया गया है कि एफआरके की आपूर्ति हेतु जिन वाहनों को डिस्पैच किया जाएगा.वे सभी वाहन सीधे चिह्नित विस्कोमान गोदाम परिसर पहुंचेंगे. वहां पहुंचने के बाद संबंधित वाहन का जिला प्रबंधक को रिपोर्ट करना होगा ताकि उनकी देखरेख में संबंधित मिलरों को उनके इंडेन्ट के अनुरूप एफआरके उपलब्ध कराया जा सके. निगम का मानना है कि इस व्यवस्था से अवैध वसूली और अनियमितताओं पर रोक लगेगी. वहीं दूसरी ओर सीएमआर की गुणवत्ता को लेकर भी निगम सतर्क नजर आ रहा है.शुक्रवार को अपर जिला प्रबंधक अधिप्राप्ति यदेंवेंद्र यादव ने सीएमआर संग्रहण केंद्र निगम गोदाम संख्या-4 महाराजगंज का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने पैक्स से आए सीएमआर की गुणवत्ता की जांच कराई. यह जांच उनके समकक्ष गुणवत्ता नियंत्रक की मौजूदगी में की गई. निरीक्षण के क्रम में अपर जिला प्रबंधक ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में गुणवत्ताहीन सीएमआर का भंडारण नहीं किया जाए.पैक्स और मिलरों को तय मानकों के अनुसार ही सीएमआर उपलब्ध कराना होगा. उन्होंने कहा कि सीएमआर की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पैक्स या मिलर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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Published by: Deepak mishra

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