Siwan News : मंडल कारा में अपनी किस्मत संवार रहे हैं 35 बंदी, जेल प्रशासन ने कराया नामांकन

मंडल कारा के बंदी जेल से ही अपनी भविष्य को संवारने की तैयारी कर रहे हैं. जेल के 34 ऐसे बंदी हैं, जिनका नामांकन जेल प्रशासन द्वारा विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में साल 2025 में कराया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है. इनके अलावा कुछ बंदी प्रतियोगी परीक्षा की भी तैयारी कर रहे हैं.

सीवान. मंडल कारा के बंदी जेल से ही अपनी भविष्य को संवारने की तैयारी कर रहे हैं. जेल के 34 ऐसे बंदी हैं, जिनका नामांकन जेल प्रशासन द्वारा विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में साल 2025 में कराया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है. इनके अलावा कुछ बंदी प्रतियोगी परीक्षा की भी तैयारी कर रहे हैं. इनकी पढ़ाई के लिए जेल प्रशासन द्वारा विशेष अध्ययन कक्ष स्थापित किया गया है. इन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त बंदियों द्वारा शिक्षा दी जा रही है. जब यह पढ़ाई करते हैं, तब बीच-बीच में जाकर जेल अधीक्षक देवाशीष कुमार सिन्हा मॉनीटरिंग करते हैं. जेल अधीक्षक ने बताया कि साल 2025 में एनआइओएस के माध्यम से कक्षा 10 में 20 एवं कक्षा 12 में 14 बंदियों का नामांकन कराया गया है. कारा के अंदर पाठशाला में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक योग्य बंदियों द्वारा इन्हें पढ़ाया जाता है. बताया कि कारा के बंदी परीक्षा देने के लिए जेल से परीक्षा केंद्र पर कड़ी सुरक्षा में भेजे जायेंगे. पिछले साल मैट्रिक और इंटर की परीक्षा में मंडल कारा से 16 बंदी शामिल हुए थे. जेल के निरक्षर बंदियों को साक्षर भी किया जा रहा है, जहां तकरीबन 50 बंदियों को अब तक साक्षर बनाया गया है. बता दें कि फिलहाल मंडल कारा में 910 बंदी हैं, इसमें 34 महिला बंदी शामिल हैं. पुस्तकालय कक्ष में निरक्षर बंदियों को पढ़ाया जाता है. इन्हें स्लेट, पेंसिल, चौक दिया गया है. पुस्तकालय में कारा प्रशासन द्वारा हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, प्रतियोगी परीक्षा की किताबें, पत्र-पत्रिकाएं उपलब्ध करायी गयी हैं.

परिवार व समाज के प्रति दायित्व की भी शिक्षा

मिशन विहान के तहत कारा पदाधिकारियों द्वारा बंदियों को साक्षर बनाने के साथ-साथ सामाजिक बोध, परिवार और समाज के प्रति उनका दायित्व का भी बोध कराया जाता है, ताकि जब वह जेल से निकले तो पुनर्वास एवं समाज की मुख्यधारा से जुड़कर खुद जीवनयापन और विकास के लिए कुछ कर सकें

पढ़ाई के साथ सेहत का भी रखा जा रहा ख्याल

जेल अधीक्षक देवाशीष कुमार सिन्हा ने बताया कि मंडल कारा में बंदियों को सुबह फिटनेस के लिए योगा के साथ-साथ पीटी भी कराया जाता है. शाम में मनोरंजन के लिए कई तरह के आयोजन किए जाते हैं. इससे बंदी सेहतमंद होकर पढ़ाई और आत्मनिर्भर बनने में रूचि ले रहे हैं. मंडल कारा के 34 बंदियों का नामांकन विभिन्न कक्षाओं में पढ़कर परीक्षा देने के लिए कराया गया है. विशेष अध्ययन कक्ष में योग्य बंदी इन्हें रोजाना पढ़ाते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shah abid hussain

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
Tags
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >