सीतामढ़ी से अमिताभ कुमार की रिपोर्ट
Sitamarhi News: किसी अनजान व्यक्ति की जिंदगी बचाने का संकल्प डॉ. राजेश कुमार सुमन को रक्तदान की ऐसी राह पर ले गया, जो आज उनके जीवन का मिशन बन चुका है. सीतामढ़ी के वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट एवं समाजसेवी डॉ. राजेश कुमार सुमन अब तक 76 बार स्वैच्छिक रक्तदान कर चुके हैं. वे लगातार लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित कर समाज में मानव सेवा का संदेश दे रहे हैं.
जिले में मजबूत हुआ रक्तदाताओं का नेटवर्क
सीतामढ़ी में रक्तदान अभियान को आगे बढ़ाने में रक्तदाता समूह के नेतृत्वकर्ता अतुल कुमार एवं नीरज कुमार गोयनका की अहम भूमिका रही है. इनके साथ संदीप डालमिया, डॉ. प्रतिमा आनंद, संजय कुमार गुप्ता और वेटरन इंडिया से जुड़े अनिल कुमार सहित कई रक्तसेवी वर्षों से जरूरतमंद मरीजों तक समय पर रक्त पहुंचाने और नए रक्तदाताओं को जोड़ने का कार्य कर रहे हैं. इनके प्रयासों से जिले में रक्तदाताओं का मजबूत नेटवर्क तैयार हुआ है.
कई सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हैं डॉ. सुमन
डॉ. राजेश कुमार सुमन पिछले दो दशकों से स्वास्थ्य सेवा से जुड़े हैं. वे इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट की सीतामढ़ी शाखा के संयोजक, राष्ट्रीय ट्रस्ट के बिहार राज्य नोडल सचिव, लायंस क्लब इंटरनेशनल के सक्रिय सदस्य तथा आरोग्या फाउंडेशन के संस्थापक सचिव हैं. आरोग्या फाउंडेशन के माध्यम से वे ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी और बौद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित बच्चों के पुनर्वास एवं उनके परिवारों के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं.
रक्तदान के लिए कई बार हो चुके हैं सम्मानित
रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. सुमन को विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर बिहार सरकार द्वारा आधा दर्जन से अधिक बार सम्मानित किया जा चुका है. उनका मानना है कि रक्तदान केवल रक्त देना नहीं, बल्कि किसी अनजान व्यक्ति के जीवन में नई उम्मीद और मुस्कान लौटाने का माध्यम है. वे लोगों से नियमित रक्तदान कर मानवता की इस सेवा से जुड़ने की अपील करते हैं.
