सीतामढ़ी. जिले में होली की तैयारी शुरू हो गयी है. लोग होली का जश्न मनाने को लेकर तमाम तरह की योजनायें बनाने में जुट गये हैं. पंडित मुकेश कुमार मिश्र के अनुसार, इस बार 13 मार्च की रात्री 10.47 बजे से पूर्णिमा तिथि शुरू होगी और अगले दिन 14 मार्च पूर्वाह्न 11.30 बजे तक पूर्णिमा तिथि रहेगी, इसलिये 13 मार्च की रात्रि 10.47 बजे के बाद अगली सुबह तक कभी भी होलिका दहन किया जा सकता है. वहीं, 14 मार्च को पूर्णिमा तिथि में ही सूर्योदय होगा और उदीया जिस तिथि में होता है, वह दिन उसी तिथि में माना जाता है, इसलिये 14 मार्च को पूर्वाह्न 11.30 बजे परिवा जरूर हो जायेगा, लेकिन होली 15 मार्च को ही मनाना शास्त्र सम्मत होगा. पंडित मिश्र ने कहा कि किसी भी त्योहार में मतांतर का एक बड़ा कारण सोशल मीडिया भी हो गया है. लोग अब पंडितों से मुहूर्त नहीं पूछते हैं और सोशल मीडिया पर विश्वास करने लगे हैं, इसलिये प्रत्येक त्योहार पर भ्रम की स्थिति बनती है. बताया कि दरअसल, अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में अलग-अलग परंपरायें हैं. कई जगहों पर ममेरी बहन से विवाह करने की परंपरा है, जिसे यहां के परंपरा को मानने वाले लोग कभी स्वीकार नहीं करेंगे. सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में भी अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर होता है और पंचांगों की गणना सूर्याेदय एवं सूर्यास्त के आधार पर ही होता है, इसलिये यहां के लोगों को दूसरे राज्यों के कैलेंडर एवं पंचांगों के अनुसार नहीं चलना चाहिये. स्थानीय पंचांग जो कहता है, उसी के आधार पर त्योहारों को मनाना उचित होगा.
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