Ram Janki Path: भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या से मां जानकी की जन्मस्थली सीतामढ़ी होते हुए जनकपुर (नेपाल) तक एक नया फोरलेन सड़क मार्ग बनाया जा रहा है, जिसे राम-जानकी पथ नाम दिया गया है. यह सड़क गोपालगंज, मोतिहारी, शिवहर और सीतामढ़ी जिलों से होकर गुजरेगी. इस परियोजना के तहत सीतामढ़ी जिले के कुल 35 गांव इस मार्ग से सीधे जुड़ेंगे. इनमें सीतामढ़ी नगर निगम क्षेत्र के साथ-साथ परसौनी, रीगा, बथनाहा, परिहार और सुरसंड प्रखंड के कई गांव शामिल हैं. इन गांवों की सूची भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा जारी कर दी गई है.
क्या जानकारी आई सामने
जानकारी के अनुसार, इस फोरलेन सड़क का निर्माण करीब 240 किलोमीटर लंबाई में किया जाएगा. यह मार्ग उत्तर प्रदेश–बिहार सीमा के पास मेहरौना घाट से शुरू होकर सिवान, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी होते हुए भिट्ठामोड़ (नेपाल सीमा) तक जाएगा. सीतामढ़ी-भिट्ठामोड़ रूट में एनएच-27ए और एनएच-227 के हिस्से भी शामिल रहेंगे.
फिलहाल सड़क के एलाइनमेंट को मंजूरी मिल चुकी है और अब डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाने का काम थीम इंजीनियरिंग कंसलटेंट को सौंपा गया है. निर्माण कार्य इसी वर्ष शुरू होने की संभावना है.
इन इलाकों में यात्रा में हो जायेगा आसान
इस मार्ग की सबसे खास बात यह है कि इसमें मां जानकी की प्रकाट्यस्थली पुनौरा धाम भी शामिल है, जहां भव्य मंदिर का निर्माण किया जा रहा है. सड़क बनने के बाद अयोध्या से पुनौरा धाम, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण और जनकपुर तक यात्रा कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगी.
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इस सड़क से होने वाले फायदे
इस फोरलेन के बन जाने से गोपालगंज से सीतामढ़ी (पुनौरा धाम) तक का सफर कम समय में पूरा होगा. अयोध्या से आने वाले श्रद्धालु सीधे धार्मिक स्थलों तक पहुंच सकेंगे, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होटल, ढाबा, गाइड, परिवहन और छोटे व्यवसायों में स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. इसके साथ ही नए पेट्रोल पंप, लॉजिस्टिक पार्क और औद्योगिक गतिविधियां शुरू होंगी, जिससे क्षेत्र का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और जमीन की कीमतों में भी वृद्धि होगी.
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