अब सिंचाइ को तीन एचपी का सोलर वाटर पंप लाभुकों को देना होगा 25 प्रतिशत राशि अंशदान सीतामढ़ी. मुख्यमंत्री नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा योजना के अंतर्गत वर्ष 2012-17 तक के लिए राज्य सरकार के स्तर से कृषि रोड मैप बनाया गया था, जिसके तहत गैर पारंपरिक ऊर्जा श्रोतों द्वारा कुल आवश्यकता का 10 प्रतिशत यानी 428 मेगावाट की आवश्यकता की पूर्ति का लक्ष्य है ताकि किसानों को वर्ष भर उनके खेतों पर ऊर्जा मिल सके और उनकी ग्रिड की ऊर्जा पर निर्भरता को कम किया जा सके. चालू वर्ष में सिंचाइ सुविधा उपलब्ध कराने के लिए चयनित किसानों को तीन एचपी का सोलर वाटर पंप उपलब्ध कराया जाना है. खुद करनी है बोरिंग ब्रेडा के निदेशक ने जारी पत्र में कहा है कि लघु व सीमांत कृषक उक्त योजना के लाभार्थी होंगे. लाभार्थी को चार इंच का बोरिंग स्वयं कराना होगा. लाभुकों को योजना का 25 प्रतिशत राशि अंशदान के रूप में देना होगा. शेष राशि राज्य व केंद्र सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दी जायेगी. कम से कम एक एकड़ भूमि पत्र में बताया गया है कि योजना के तहत वैसे किसानों का चयन करना है, जिनके पास कम से कम एक एकड़ भूमि कृषि योग्य हो. पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसान इसके पात्र नहीं होंगे. चयन डीएम द्वारा किया जायेगा. किसान डीएम के कार्यालय से और वह भी निशुल्क आवेदन प्राप्त करेंगे. आवेदन के साथ एलपीसी देना होगा. आवेदक को नोटरी या कार्यपालक दंडाधिकारी से निर्गत शपथ पत्र समर्पित करना होगा. प्रथम आओ व प्रथम पाओ ब्रेडा के निदेशक ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी तरह के विवाद का निबटारा ऊर्जा सचिव के स्तर से होगा. कहा गया है कि आवेदकों की संख्या निर्धारित लक्ष्य से अधिक होने पर पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर चयन होगा. सोलर पंप को स्थापित करने के लिए लाभार्थी व स्थान चयन का अंतिम अधिकार डीएम को होगा. बताया गया है कि लाभार्थी को अंशदान के रूप में 25 फीसदी राशि निदेशक ब्रेडा के नाम से बैंक ड्राफ्ट से जमा करना होगा.
अब सिंचाइ को तीन एचपी का सोलर वाटर पंप
अब सिंचाइ को तीन एचपी का सोलर वाटर पंप लाभुकों को देना होगा 25 प्रतिशत राशि अंशदान सीतामढ़ी. मुख्यमंत्री नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा योजना के अंतर्गत वर्ष 2012-17 तक के लिए राज्य सरकार के स्तर से कृषि रोड मैप बनाया गया था, जिसके तहत गैर पारंपरिक ऊर्जा श्रोतों द्वारा कुल आवश्यकता का 10 प्रतिशत यानी […]
