शेखपुरा : सरकार द्वारा घोषित तिथि पहली दिसंबर से यहां धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो सकी. जिले के किसानों को सरकारी दर पर धान बेचने के लिए अभी और इंतजार करना होगा. सरकारी तौर पर इसका कारण धान में निर्धारित नमी की मात्रा अधिक बतायी जा रही है.
सरकारी दर पर धान लेने के लिए नमी की मात्रा अधिकतम 17 प्रतिशत रखी गयी है. सरकारी तौर पर जिले में धान की नमी अभी 25 से 28 प्रतिशत बतायी जा रही है. सरकारी दर पर धान की खरीद शुरू नहीं होने से यहां किसानों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. लाचार किसान औंधे-पौंधे दाम पर व्यापारी के हाथों धान बेचने को मजबूर हैं.
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शमबिल हैदर ने बताया कि अपने खपत से ज्यादा 200 मन धान बेचने के लिए वे पैक्स के चक्कर लगा रहे हैं. पहले पैक्स द्वारा पहली तारीख से धान खरीद करने की बात कही गयी थी. परन्तु अब इस धान में नमी की मात्रा अधिक बता कर टाल मटोल कर रहे हैं. पैक्स द्वारा प्रति बोरा में दो किलो अधिक धान देने की भी मांग की जा रही है. उधर सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार धान खरीद नहीं होने के पीछे कुछ और भी कारण है. धान खरीद के लिए पैक्स को अभी तक कैश क्रेडिट भी नहीं दिया गया है. इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा भी इस संबंध में औपचारिक तैयारी नहीं की जा सकी है.
धान खरीद के पूर्व सहकारिता विभाग, पैक्स आदि के साथ-साथ कई विभागों को इस धान अधिप्राप्ति के काम में शामिल किया जाता है. अभी इन सभी विभागों की संयुक्त बैठक आहुत किया जाना भी बाकी है. इस बीच जिला में सरकारी दर पर धान बेचने के लिए किसानों द्वारा ऑन लाइन आवेदन यानी रजिस्ट्रेशन कराने का काम तेजी से किया जा रहा है. सरकारी सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला में अभी तक तीन हजार से ज्यादा किसान धान बेचने के लिए निबंधन करवा लिया है. सरकारी दर पर किसानों को 150 क्विंटल तक धान बेचने की छुट है. किसानों को प्रति क्विंटल 1470 रुपया उनके बैंक खाता में भुगतान किया जाएगा.
