Sheohar News: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के युवा नेता नवनीत कुमार झा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के अहिंसक आंदोलन और एकजुटता की जीत बताया. उन्होंने कहा कि यह देशभर के युवाओं के लंबे संघर्ष का परिणाम है.
उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से उठाए गए आंदोलन ने राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती दी.
सरकार के सामने रखीं कई मांगें
नवनीत कुमार झा ने मांग की कि नीट पेपर लीक विवाद के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक मुआवजा दिया जाए.
उन्होंने यह भी मांग की कि 20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज सभी प्राथमिकी वापस ली जाएं. साथ ही नीट विवाद के कारण जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को सम्मानजनक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए.
परीक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
राजद नेता ने कहा कि बार-बार परीक्षा रद्द होने और तिथियों में बदलाव से छात्रों और उनके अभिभावकों पर मानसिक और आर्थिक दबाव बढ़ा है.
उन्होंने कहा कि परीक्षा दोबारा आयोजित होने से विद्यार्थियों का बहुमूल्य शैक्षणिक समय प्रभावित होता है और उनकी तैयारी पर भी असर पड़ता है.
व्यवस्था में सुधार की मांग
नवनीत कुमार झा ने आरोप लगाया कि लगातार विवादों के कारण सार्वजनिक परीक्षा संस्थाओं की विश्वसनीयता और निष्पक्षता पर लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है.
उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब सरकार को परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रभावी पहल करनी चाहिए.
