Sasaram News : भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसान 10 अक्त्तूबर को जिला मुख्यालय का करेंगे घेराव

अधिग्रहित भूमि का मुआवजा नहीं देने व फसल बर्बाद के विरोध में किसानों ने की बैठक

डालमियानगर. एनएच-119ए नेशनल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों ने रविवार को सुअरा स्थित माईजी कुटिया मंदिर में महत्वपूर्ण बैठक की. बैठक में परियोजना से प्रभावित सुअरा, शखरा, गंगौली व चकिया के दो दर्जन से अधिक किसान मौजूद थे. बैठक में किसानों ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण के दौरान विभाग की ओर से कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया है. साथ ही भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों की शिकायतें भी नहीं सुनी जा रही हैं. इससे किसानों में भूमि अधिग्रहण विभाग के प्रति गहरी नाराजगी व असंतोष है. जिला प्रशासन ने जमीन के बदले मिलने वाला मुआवजा, कानूनी प्रक्रिया का पालन व खड़ी फसलों को बर्बाद करने से संबंधित सभी चिंताओं को पूरी तरह से नजरअंदाज की है. किसानों के प्रति प्रशासनिक उदासीनता से समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है. कहा कि 25 अगस्त को पटना में प्रदर्शन व मुख्य सचिव से वार्ता के दौरान मौखिक आश्वासन मिला था कि धान की फसल काटने व जमीन के किस्म के आधार पर उचित मुआवजा मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण कर निर्माण कार्य होगा. लेकिन, जिला प्रशासन मुख्य सचिव की बात भी मानने को तैयार नहीं है. प्रमुख सड़कों को अवरुद्ध करने का लिया निर्णय किसान मोर्चा के अध्यक्ष चंदन कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासनिक उदासीनता से त्रस्त होकर जिले के सभी प्रभावित किसानों ने आज बैठक में एक बड़ा फैसला लिया है. 10 अक्त्तूबर को संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) द्वारा जिला मुख्यालय पर एक विशाल रैली आयोजित की जायेगी. यह प्रदर्शन एक ””””महाविरोध”””” होगा. इस दिन, सैकड़ों किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ जिला प्रशासन कार्यालय की ओर मार्च करेंगे और सभी प्रमुख सड़कों को अवरुद्ध कर देंगे. बैठक में मौजूद किसान प्रतिनिधि अशोक भारद्वाज ने कहा कि हमारी जमीन हमारी आजीविका है. प्रशासन ने हमारी बात सुनने में पूरी तरह से विफल रहा है. यह सिर्फ एक विरोध नहीं है, किसाने की हताशा से पैदा हुआ एक ””””महाविरोध”””” है. हम अपने ट्रैक्टरों के साथ मार्च करेंगे और सड़कों को जाम कर देंगे, ताकि हमारी आवाज पदाधिकारियों के कानों तक पहुंच सके. किसान मुआवजे एवं पुनर्वास के मुद्दों पर तत्काल कानूनी समाधान चाहते हैं. समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन का चरण चालू होगा. इस दौरान बंटी कुमार, महेंद्र सिंह, दिलीप सिंह, गौरव सिंह, अरविंद सिंह, विजेंद्र कुमार, नंदू कुमार, रवि कुमार, राजा सिंह सहित दर्जनों किसान मौजूद थे.

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By Panchdev kumar

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