सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर आयोग ने डीएसओ पर लगाया जुर्माना

SASARAM NEWS.लोक सूचना पदाधिकारी सह जिला आपूर्ति पदाधिकारी की ओर से समय पर सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर सूचना आयोग ने जुर्माना लगाया है. यह मामला दिनारा प्रखंड क्षेत्र की बलिया पंचायत अंतर्गत वरुणा निवासी अपीलकर्ता नारायण गिरि ने दायर किया था.

जुर्माना राशि की वसूली संबंधित पदाधिकारी के वेतन से की जायेगी प्रतिनिधि, दिनारा लोक सूचना पदाधिकारी सह जिला आपूर्ति पदाधिकारी की ओर से समय पर सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर सूचना आयोग ने जुर्माना लगाया है. यह मामला दिनारा प्रखंड क्षेत्र की बलिया पंचायत अंतर्गत वरुणा निवासी अपीलकर्ता नारायण गिरि ने दायर किया था. जहां लोक सूचना पदाधिकारी-सह-जिला आपूर्ति पदाधिकारी रोहतास से सूचना प्राप्त न होने की शिकायत की थी. उन्होंने सूचना उपलब्ध कराने के लिए आवेदन दिया था, परंतु संबंधित लोक सूचना पदाधिकारी ने समय पर कोई सूचना उपलब्ध नहीं करायी, न ही आयोग के आदेशों का अनुपालन किया. ऐसे में आयोग ने जुर्माना लगाने की कार्रवाई की है. इससे जुड़े आदेश में उल्लेख है कि इस मामले में पहले भी निर्देश दिये गये थे, लेकिन इसके बावजूद लोक सूचना पदाधिकारी ने न तो सूचना उपलब्ध करायी और न ही आयोग के समक्ष कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया. जानकारी के अनुसार विगत वर्ष 25 जून को आयोग ने लोक सूचना पदाधिकारी को निर्देश दिया था कि अपीलकर्ता की मांगी गयी सूचना उपलब्ध करायें अथवा स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें. इसके बावजूद भी विगत वर्ष तीन सितंबर को हुई सुनवाई में लोक सूचना पदाधिकारी उपस्थित नहीं हुए और न ही आयोग को कोई लिखित स्पष्टीकरण भेजा. जिसके बाद आयोग ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत उल्लंघन करार दिया. आयोग के अनुसार यह स्पष्ट होता है कि संबंधित लोक सूचना पदाधिकारी जानबूझकर सूचना उपलब्ध कराने से बचते रहे और आयोग के आदेशों की अवहेलना करते रहे. इस प्रकार का आचरण सूचना के अधिकार अधिनियम की भावना के विरुद्ध है, जिसका उद्देश्य पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है. आयोग ने सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 20(1) के अंतर्गत संबंधित लोक सूचना पदाधिकारी पर 25000 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है. साथ ही निर्देश दिया है कि उक्त जुर्माना राशि की वसूली संबंधित पदाधिकारी के वेतन से की जाए और यह राशि राजकोष में जमा करायी जाये. वसूली की जिम्मेदारी जिला पदाधिकारी, रोहतास को सौंपी गयी है. आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि भविष्य में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों पर समयबद्ध और विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाये, ताकि आमलोगों को सूचना प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो.

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Author: ANURAG SHARAN

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