Rohtas News : बिहार शिक्षा परियोजना के तहत पीएम श्री गौरी शंकर उच्च एवं मध्य विद्यालय में दो वर्ग कक्ष, एक लैब रूम और दो शौचालय के निर्माण को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए काराकाट विधानसभा के विधायक अरुण सिंह शनिवार को विद्यालय पहुंचे. उन्होंने विद्यालय प्रशासन, संस्कृत विद्यालय के पूर्व प्राचार्य और स्थानीय लोगों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली.
एक ही परिसर में संचालित हैं तीन विद्यालय
विद्यालय के प्रधानाध्यापक और शिक्षकों ने विधायक को बताया कि पीएम श्री गौरी शंकर उच्च विद्यालय, गौरी शंकर मध्य विद्यालय और गौरी शंकर संस्कृत उच्च विद्यालय एक ही परिसर में संचालित होते हैं. तीनों विद्यालयों की स्थापना और भूमि दान से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारी भी विधायक को दी गई.
भूमि दान को लेकर रखा गया पक्ष
संस्कृत उच्च विद्यालय के पूर्व प्राचार्य शिव जगत मिश्र ने बताया कि विद्यालय की भूमिदाता स्वर्गीय राजा राम मिश्र की पत्नी जगत राज कुंवर ने करीब 4 एकड़ 70 डिसमिल भूमि दान की थी. इसमें 62 डिसमिल भूमि गौरी शंकर उच्च विद्यालय के नाम है, जबकि शेष भूमि संस्कृत उच्च विद्यालय के नाम दर्ज है. उन्होंने बताया कि मध्य विद्यालय के नाम से अलग से कोई भूमि दान नहीं की गई थी, लेकिन छात्रों की सुविधा को देखते हुए वर्षों से संस्कृत विद्यालय की भूमि पर ही मध्य विद्यालय संचालित हो रहा है.
PM श्री बनने के बाद बढ़ी कक्षाओं की जरूरत
शिक्षकों ने बताया कि पीएम श्री योजना में शामिल होने के बाद उच्च विद्यालय में कक्षा छह से लेकर प्लस-टू तक की पढ़ाई होती है. छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ने से अतिरिक्त वर्ग कक्षों की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि सभी विद्यार्थियों को पर्याप्त शैक्षणिक सुविधा मिल सके.
विधायक बोले- खंडहर भवन वाली जगह पर हो निर्माण
सभी पक्षों की बात सुनने के बाद विधायक अरुण सिंह ने कहा कि विद्यालय परिसर में जहां जर्जर और खंडहर भवन मौजूद हैं, वहीं नए कमरों का निर्माण कराया जाए. इससे किसी प्रकार का विवाद भी नहीं होगा और छात्रों को आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं भी मिल सकेंगी. उन्होंने संबंधित अधिकारियों से आपसी सहमति के आधार पर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने की बात कही.
