रोहतास में FMD टीकाकरण अभियान पर संकट, 6 लाख का लक्ष्य, अब तक सिर्फ 6 हजार पशुओं को लगी वैक्सीन

रोहतास जिले में खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) टीकाकरण अभियान निजी वैक्सीनेटरों के बहिष्कार के कारण ठप पड़ गया है। 10 लाख बीमा और नियमित मानदेय की मांग पर अड़े कर्मियों के कारण 6 लाख पशुओं के लक्ष्य को पूरा करना मुश्किल हो रहा है।

Rohtas News : रोहतास जिले में खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) राउंड-7 टीकाकरण अभियान निजी वैक्सीनेटरों और पशु मित्रों के बहिष्कार के कारण बुरी तरह प्रभावित हो गया है. 10 जुलाई से शुरू हुए अभियान के तहत करीब छह लाख पशुओं का टीकाकरण किया जाना है, लेकिन अब तक केवल छह हजार पशुओं को ही वैक्सीन लगाई जा सकी है. अभियान की रफ्तार लगभग ठप पड़ गई है.

6 लाख लक्ष्य, लेकिन मैदान में नहीं उतर रहे वैक्सीनेटर पशुपालन विभाग के पास 4.26 लाख वैक्सीन और पर्याप्त सिरिंज उपलब्ध हैं, लेकिन निजी वैक्सीनेटरों के बहिष्कार के कारण टीकाकरण अभियान आगे नहीं बढ़ पा रहा है. आंदोलन कर रहे वैक्सीनेटरों और पशु मित्रों का कहना है कि वे पिछले दस वर्षों से घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण कर रहे हैं, लेकिन उन्हें नियमित मानदेय और लंबित पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया गया है.

10 लाख बीमा और नियमित मानदेय की मांग पर अड़े कर्मी आंदोलनकारी 10 लाख रुपये के जीवन बीमा, जोखिम भरे कार्य के दौरान सुरक्षा, लंबित भुगतान, नियमित कर्मचारी का दर्जा तथा नियमित मासिक मानदेय की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक टीकाकरण कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा.

9 डॉक्टरों के भरोसे चल रहे 36 पशु अस्पताल स्थिति को और गंभीर पशु चिकित्सकों की कमी ने बना दिया है. पिछले महीने रोहतास से 18 पशु चिकित्सकों का तबादला हुआ, जबकि उनके स्थान पर केवल तीन चिकित्सकों की ही तैनाती की गई. वर्तमान में जिले के 36 पशु अस्पतालों का संचालन महज नौ पशु चिकित्सकों के भरोसे हो रहा है. इससे नियमित उपचार, आपातकालीन सेवाओं और टीकाकरण अभियान पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है.

वैकल्पिक व्यवस्था से अभियान तेज करने की कोशिश जिला पशु चिकित्सा पदाधिकारी अविनाश चंद्र प्रभाकर ने बताया कि निजी वैक्सीनेटरों के बहिष्कार का सीधा असर एफएमडी अभियान पर पड़ा है. विभाग ने पूरे मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है और वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए टीकाकरण अभियान को दोबारा गति देने का प्रयास किया जा रहा है. हालांकि, आंदोलन समाप्त होने तक निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करना बड़ी चुनौती बना रहेगा.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >